सोनभद्र, जेएनएन। गत दो दिनों से क्षेत्र में उत्पात मचा रहे हाथियों के झुंड से ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। रात-रात भर वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड को खदेडऩे के लिए हाथ में मशाल लेकर, डीजे पर शेर की दहाड़ लगाकर, तेज आवाज के पटाखों की मदद ले रहे है। लेकिन हाथियों का झुंड उत्पात मचाते हुए आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ता जा रहा है। 

शुक्रवार की रात नेमना गांव के बोदरीडाड़ टोले में हाथियों ने जमकर उत्पात किया। ग्रामीणों की खड़ी फसल को बर्बाद करते हुए राधाकिशन गुर्जर के घर पर धावा बोल दिया। रात में परिवार के सदस्य घर में सोए थे। जब घर के छप्परों को हाथी गिराने लगे तो लोगो की नींद खुल गई। वे किसी तरह जान बचाकर भागे। हाथियों ने आशियाना उजाड़ा, घर मे रखे आनाज को खाकर बचे हुए को बर्बाद कर दिया। रात में ही नेमना के नउआपाथर में भी हाथियों ने उत्पात मचाया। ग्रामीण भरतलाल के खेत में लहलहाती फसल को बर्बाद कर दिया।

उनके आलू की खेती को भी तहस-नहस कर घर को भी क्षति पहुंचाई। ग्रामीण अंजनी कुमार बैसवार की धान की फसल को रौंद कर खेत में रखे मशीन व पइप को बाउली में ढकेल दिया। शनिवार की शाम तक हाथियों का झुंड सिरसोती ग्राम सभा के नकटू के जंगलों में था। वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। कानूनगो मोहम्मद आरिफ ने कहा कि हाथियों के झुंड से ग्रामीणों का हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए लेखपाल को जिम्मेदारी दी गई है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जरहां वन रेंज के क्षेत्राधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि हाथियों का झुंड अभी नकटू के जंगलों में है। उन पर नजर रखी जा रही है। हाथियों का रुख आबादी की ओर न हो। जंगलो में गहरी खाई होने की वजह से हाथियों को खदेडऩे में परेशानी हो रही है जल्द ही हाथियों के झुंड को मध्य प्रदेश की सीमा में खदेड़ा जाएगा। 

Posted By: Abhishek Sharma

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