वाराणसी, जेएनएन। Shramik Special Train में सफर के दौरान सेहत बिगड़ने से एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। रविवार को सुबह 5.20 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंची ट्रेन से शव को नीचे उतारा गया। लेकिन विभागीय मेमो मिलने के इंतजार में सुबह 8 बजे तक शव के निस्तारण की अग्रिम कार्रवाई नहीं हो सकी।

मिली जानकारी के अनुसार घाटकोपर(मुंबई) में रहने वाले रामचंद्र सोनी(85) अपनी पत्नी, बहु और बेटे के साथ अपने पैतृक गांव बसन्तपुर पोस्ट पचपेड़वा (जिला बलरामपुर) लौट रहे थे। ट्रेन 29 मई की रात 11 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल से चली थी। मुंबई में कामगार मृतक के पुत्र जगदम्बा सोनी ने बताया कि अगले दिन 30 मई की रात 8 बजे उन्हें खाना दिया। छिवकी स्टेशन (मिर्जापुर) के समीप उन्हें उठाने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं उठे।

अगले दिन सुबह 5.20 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन स्थित प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुची। खबर मिलते ही जीआरपी के कर्मचारियों ने शव को बोगी संख्या- एस 8 से नीचे उतारा। दो घंटे का समय बीत गया। बावजूद इसके विभागीय मेमो के इंतजार में अग्रिम कार्रवाई के लिए लेटलतीफी होती रही। जीआरपी इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार बुजुर्ग की मौत स्वभाविक प्रतीत हो रही है। जल्द से जल्द अग्रिम कार्रवाई की औपचारिकता पूरी की जा रही है।

दरअसल Shramik Special Train से घर लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ट्रेनें गलत रुट पर चलने के कारण कई घंटे विलंब से अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं। इस बीच भूख और प्यास के कारण श्रमिकों की स्थिति बिगड़ जा रही है। बीते बुधवार को भी एलटीटी मुंबई से मंडुआडीह पहुंचने वाली ट्रेन में दो प्रवासी श्रमिकों ने दम तोड़ दिया था तो गत मंगलवार की रात बलिया पहुंची श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन में तीन की मौत हो गई थी।

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