वाराणसी : शाही नाले के काम के चलते शहर की सीवर व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। ब्रांच सीवर लाइनों से गंदा पानी निकलने की बजाय उल्टा फेंक रहा है जो सड़कों पर बह रहा है। इसके चलते लोगों के घरों में दूषित पेयजल आपूर्ति हो रहा है। जलकल महाप्रबंधक के उठाए गए सवालों पर महापौर मृदुला जायसवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यदायी संस्था को तत्काल काम खत्म करने को कहा। शाही नाले का काम होने तक पंप से गंदा पानी फ्लो कराएं। कार्यदायी संस्था ने 30 जून तक हरहाल में काम खत्म करने का भरोसा दिलाया है। महापौर शुक्रवार को अपने कार्यालय में नगर निगम, जलकल, जलनिगम अधिकारियों संग बैठक कर रही थी।

उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट गहरा गया है, फिर भी विभाग द्वारा ध्यान नहीं देना ठीक नहीं है। अमृत योजना के तहत शहर में 50 हजार नए पेयजल कनेक्शन करने हैं लेकिन अभी तक मात्र 19 हजार कनेक्शन किए गए जो संतोषजनक नहीं है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। महापौर ने कहा कि पेयजल कनेक्शन करने के साथ जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं बिछा हैं उसका सर्वे करने के साथ पाइपलाइन डालें। शहर में बने ओवरहेड टैंक को तत्काल चालू करें, यदि ओवरहेड टैंक चलाने में कोई परेशानी है तो मिनी नलकूप तत्काल लगाएं। खराब नलकूपों को चिह्नित कर तत्काल दुरुस्त कराएं। एक सप्ताह के अंदर 145 हैंडपंपों को लगाकर रिपोर्ट करें। समय पर काम पूरा नहीं होने पर कार्रवाई तय हैं। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को कालोनियों और मुहल्लों में सीवर लाइन डालने के दौरान 300 से 400 मीटर बढ़ाकर डालें जिससे बाद में आबादी बढ़ने पर कोई परेशानी नहीं हो।

Posted By: Jagran

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