वाराणसी (जेएनएन) : जेएचवी शूट आउट का मुख्य आरोपी आलोक उपाध्याय को क्राइम ब्रांच ने सोमवार को कैंट रेलवे स्टेशन से उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। आलोक पर वाराणसी पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा था। जेएचवी हत्याकांड में अब तक दो गिरफ्तारी हो चुकी है। तीन दिन पहले पुलिस ने हत्याकांड के एक आरोपी रोहित को सारनाथ इलाके से गिरफ्तार किया था। जेएचवी में अंधाधुंध फायरिंग करने वाले बिहार के कुंदन व ऋषभ अब भी फरार चल रहे हैं।

उधर आलोक का पिता भी थाने पर पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार पिता अवधेश बेटे आलोक को लेकर आरा बिहार से ट्रेन से लखनऊ जा रहा था सरेंडर कराने। मगर क्राइम ब्राच ने स्टेशन से पकड़ लिया। बेटे के एनकाउंटर के डर से पिता ने कैंट थाने में हंगामा काटा। वहीं आलोक की धरपकड़ में क्राइम ब्राच प्रभारी विक्रम सिंह घायल हुए हैं। जेएचवी में बीते बुधवार को काशी विद्यापीठ के छात्र आलोक व उसके साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग करके सुनील गौड़ व गोपी कन्नौजिया की हत्या कर दी थी। गोलीबारी में दो कर्मचारी विशाल व चंदन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शूट आउट के पीछे प्रेमप्रसंग का मामला सामने आया था। घटना के बाद इन आरोपियों के नाम आए थे सामने : आलोक उपाध्याय, रोहित सिंह, ऋषभ सिंह विसू और कुन्दन सिंह के नाम सामने आए हैं। प्रत्येक अभियुक्तों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी द्वारा पचीस हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए जनपद के विभिन्न थानों से कई टीमें और क्राइम ब्रांच की टीमें लगायी गई थीं। इसके साथ ही जेएचवी मॉल में लगी सुरक्षा एजेन्सी (हॉक सिक्योरिटी सर्विसेज) के ड्यूटी में लगे कर्मचारियों द्वारा किन परिस्थियों में शस्त्र प्रवेश वर्जित होते हुए भी शस्त्र को मॉल के अंदर प्रवेश दिया गया था। इसकी जाच कर उपरोक्त सिक्योरिटी एजेन्सी का लाइसेंस रद्द करने की आख्या भी प्रेषित की गई थी।

Posted By: Jagran

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