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दीपावली 2026: दीपावली 8 नवंबर को, जानें लक्ष्मी पूजन और सिद्धि काल के सबसे शुभ मुहूर्त

By abhishek sharma Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 05 Nov 2026 07:07 AM (IST)

दीपावली 2026 रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी, जिसमें लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। गृहस्थ, ...और पढ़ें

दीपावली 2026: 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजन और सिद्धि काल के सर्वोत्तम मुहूर्त।

दीपावली 2026: 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजन और सिद्धि काल के सर्वोत्तम मुहूर्त।

HighLights

  1. दीपावली 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी, लक्ष्मी पूजन के विशेष मुहूर्त।

  2. गृहस्थों के लिए प्रदोष काल और वृषभ लग्न सर्वोत्तम लक्ष्मी पूजन मुहूर्त।

  3. व्यापारियों हेतु कुंभ लग्न, साधकों के लिए महानिशीथ काल और सिंह लग्न।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रकाश और उल्लास का महापर्व दीपावली इस वर्ष धार्मिक पंचांग के अनुसार रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर पड़ने वाले इस महाउत्सव में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है।इस बार गृहस्थ, व्यापारियों और तांत्रिक साधना करने वाले साधकों के लिए पूजा के अलग-अलग विशेष मुहूर्त और सिद्धि काल बन रहे हैं।

प्रदोष काल और वृषभ लग्न का मुख्य मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दीपावली पर मुख्य लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल और स्थिर लग्न में करना सबसे उत्तम माना जाता है।8 नवंबर 2026 को नई दिल्ली व उत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में प्रदोष काल शाम 5:31 बजे से रात 8:08 बजे के बीच रहेगा।

इस दौरान संध्याकाल में शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक (लगभग 1 घंटा 56 मिनट) का समय गृहस्थ परिवारों के लिए सर्वोत्तम लक्ष्मी पूजन मुहूर्त है।इस समयावधि में स्थिर 'वृषभ लग्न' प्रभावी रहता है।मान्यता है कि स्थिर लग्न में पूजन करने से माता लक्ष्मी घर में स्थायी रूप सेि निवास करती हैं।

व्यापारियों और संस्थानों के लिए बही-खाता पूजन (कुंभ लग्न)

जो व्यापारी वर्ग अपनी दुकानों, कारखानों और व्यावसायिक संस्थानों में दीपावली का पूजन करते हैं, उनके लिए दोपहर के समय का स्थिर लग्न अत्यंत शुभ माना गया है।पंचांग के अनुसार, दोपहर 1:27 बजे से दोपहर 2:54 बजे तक 'कुंभ लग्न' में व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में बही-खाते (चोपड़ा पूजन) और बही-खाता पूजन संपन्न कर सकते हैं। इसके अलावा संध्याकाल के चौघड़िया मुहूर्त में भी व्यापारिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।

महानिशीथ काल और सिंह लग्न 

तांत्रिक सिद्धि, विशेष मंत्र जप, रात्रि जागरण और महानिशीथ काल की पूजा के लिए आधी रात का समय बेहद खास माना जाता है।8 नवंबर की रात को निशीथ काल रात 11:38 बजे से 9 नवंबर की सुबह 12:31 बजे तक रहेगा।

इसके साथ ही मध्यरात्रि के आसपास 9 नवंबर को रात 12:25 बजे से रात 2:42 बजे तक स्थिर 'सिंह लग्न' उदित होगा। यह सिंह लग्न सिद्धि काल और मां काली की उपासना या साधना करने वाले साधकों के लिए सर्वोच्च फलदायी माना गया है।

दीपावली के इस पावन पर्व पर घरों को दीपों से सजाने, रंगोली बनाने और विधि-विधान से गणेश-लक्ष्मी की आराधना करने से सुख-समृद्धि और आरोग्य का आगमन होता है।

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