वाराणसी, जेएनएन। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा द्वारा बताया गया कि कोविड वेव-2 मरीजों के लिए अधिकतर अस्पतालों में नेबुलाइजेशन तथा स्टीम लेने की सलाह दी जा रही है, परन्तु खुले बाजार में यह उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे यह सुविधा मरीजों तक पहुंचने में विलम्ब हो रहा है।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा द्वारा आज  बुधवार को होमी भाभा कैंसर चिकित्सालय को कोविड संक्रमित मरीजों के समुचित उपचार हेतु 25 नेबुलाइजर निश्‍शुल्क दिया गया,  ताकि इसे मरीजों के बेड के साथ लगाकर सीधे मरीजों को यह चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके। चिकित्सालय द्वारा भी मरीजों को यह सुविधा निश्‍शुल्क ही दी जाएगी। विगत 03-04 दिनों पूर्व भी होमी भाभा कैंसर चिकित्सालय को 100 नेबुलाइजर निश्‍शुल्क प्रदान किये गये थे। कोविड संक्रमित मरीजों के बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु आगे भी विभिन्न अस्पतालों को इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेगी।

निजी अस्पतालों में भी टीकाकरण की व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए

बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन ने कहा है कि जो बुजुर्ग अब तक वैक्सीन नहीं लगवा सके हैं सांसत में हैं। उनके लिए निजी अस्पतालों में भी टीकाकरण की व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए ताकि बीड़ भाड़ से बचते हुए वे वैक्सीनेशन करा सकें। एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल, उपाध्यक्ष हरिमोहन साह, मंत्री विजय कपूर कहा है कि विगत दिनों 45 साल से ज्यादा के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल को शुल्क लेकर वैक्सीन लगवाने की सुविधा दी थी। मांग किया है कि फिर से प्राइवेट अस्पतालों में यह सुविधा शुरू की जाए।ज्यादातर बुजुर्गों ने सरकारी अस्पताल की निःशुल्क सुविधा को छोड़ प्राइवेट अस्पतालों में इस लिए लगवाई की वहां वो सुरक्षित है। अब सभी के वैक्सिन की दूसरी डोज का समय आ गया तो सरकार ने केवल सरकारी अस्पतालों में ही उक्त सुविधा का ऐलान कर दिया जहां पूरी दुर्व्यवस्था है।1

8 साल से ज्यादा के नौजवान लाइनों में घंटों खड़े होकर वैक्सिन की प्रथम डोज लगवाने में सफल हो जाते हैं। वहीं बुजुर्ग लोग इस धक्का मुक्की को देख वापस लौट जा रहे हैं। अब ये स्थिति है किसी किसी बुजुर्ग को दो महीने भी बीत चुके हैं। जिन लोगों को प्राइवेट में प्रथम डोज लग गई है। वो न घर के रहे ना घाट के हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि प्राइवेट हॉस्पिटल को उतनी डोज अवश्य उपलब्ध करवाए। ताकि बुजुर्गों को दूसरी डोज लग सके। अन्यथा की स्थिति में बुजुर्ग एक डोज लगवा के अधूरे ही रह जाएंगे। एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि बुजुर्गों के लिए फिर से निजी अस्पताओं में वैक्सीन लगाने की सुविधा प्रदान की जाएं। ताकि उन्हें घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़े।