मौत के बाद भी दो लोगों की जिंदगी रोशन कर गए बिहार के ददन तिवारी, परिवार ने नेत्रदान कर पेश की मिसाल
बिहार के रोहतास निवासी ददन तिवारी के निधन के बाद उनके परिवार ने नेत्रदान का पुनीत कार्य किया। उनकी कॉर्निया से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को नया जीवन और रोशनी मिलेगी।

नेत्रदाता के पुत्र को सम्मान पत्र प्रदान करते एलबीएस चिकित्सालय के चिकित्सक। -बीएचयू
HighLights
ददन तिवारी के परिवार ने किया मरणोपरांत नेत्रदान।
उनकी कॉर्निया से दो दृष्टिहीनों को मिलेगी दृष्टि।
एलबीएस अस्पताल, वाराणसी में पूरी हुई प्रक्रिया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बिहार के रोहतास जिले के निवासी ददन तिवारी तो अब नहीं रहे, लेकिन मरणोपरांत भी उनकी आंखें दुनिया का दर्शन करती रहेंगी। उनकी आंखों की कार्निया दो दृष्टिहीनों के जीवन में दृष्टि का उजाला फैलाएगी।
ददन तिवारी का रामनगर स्थित एलबीएस अस्पताल में उपचार चल रहा था, जहां उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके पुत्र राजीव कुमार तिवारी ने नेत्रदान की इच्छा जताई।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मिश्र ने बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के विभागाध्यक्ष एवं आई बैंक के चेयरमैन प्रो. आरपी मौर्य से संपर्क किया। उनके निर्देश पर आइ बैंक की टीम के आशुतोष त्रिपाठी और डॉ. दीपक कुमार ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराई।
एलबीएस अस्पताल ने राजीव कुमार तिवारी को नेत्रदाता परिवार सम्मान पत्र भी प्रदान किया। बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य के लिए शोकाकुल परिवार के प्रति आभार जताया।
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