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काशी की धरती जाते-जाते भिगो गया अर्णब चक्रवात, नया चक्रवात 'मुरासू' अब दे सकता है दस्‍तक

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 02 Nov 2026 01:44 PM (IST)

चक्रवाती तूफान अर्णब के अवशेषों ने वाराणसी में बारिश की, जिससे मौसम ठंडा हो गया और घना कोहरा छाया रहा। ...और पढ़ें

अर्णब चक्रवात के बाद वाराणसी में मौसम का मिजाज बदला, अब मुरासू की दस्तक की आशंका!

अर्णब चक्रवात के बाद वाराणसी में मौसम का मिजाज बदला, अब मुरासू की दस्तक की आशंका!

HighLights

  1. अर्णब के अवशेषों से वाराणसी में हुई देर शाम बारिश।

  2. बारिश से हजारों हेक्टेयर धान की फसल हुई बर्बाद।

  3. बंगाल की खाड़ी में नए चक्रवात मुरासू की आहट।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब का अवशेष निम्न दबाव का क्षेत्र जाते-जाते रविवार की शाम एक बार फिर बरस पड़ा। हालांकि, यह बरसात कुछ ही क्षेत्रों में रही। देर शाम लगभग 8:30 बजे आरंभ यह वर्षा लगभग आधे घंटे तक होती रही। इसकी वजह से दिन में हल्का सा गर्म हुआ वातावरण एक बार फिर शीतल हो गया। इसके बाद सोमवार की सुबह घना कोहरा भी रहा है। 

अर्णब के बाद अब बंगाल की खाड़ी में मुरासू चक्रवात की आहट शुरू हो चुकी है। वहीं अर्णब के कमजोर पड़ने के साथ ही मौसम रविवार से साफ होता दिखने लगा था। सुबह थोड़ी देर से ही सही लेकिन प्रख्रर धूप निकल आई थी। हालांकि, इस बीच बादलों का आना-जाना लगा रहा। शाम होते ही एक बार फिर आसमान में बादल पूरी तरह छा गए और रात 8:30 बजे झमाझम वर्षा होने लगी। इससे मौसम एक बार फिर ठंडा हो गया

हालांकि, लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डा. अतुल कुमार सिंह का कहना है कि सोमवार से आसमान प्राय: साफ हो सकता है और आने वाले दो दिनों में तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। जबकि न्यूनतम तापमान लगभग इतना ही नीचे आ सकता है। इससे दिन तो सामान्य होने लगेंगे लेकिन रात और सुबह में ठंड बढ़ जाएगी। सुबह के समय धुंध भी पड़ेगी।

नौ डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था तापमान

बीते बुधवार से चक्रवाती तूफान अर्णब का प्रभाव इधर पहुंचते ही गुरुवार से तापमान गिरने लगा था। गुुरुवार व शुक्रवार को वर्षा के चलते शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 9.1 डिग्री सेल्सियस नीचे 22.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि, बादलों की वजह से न्यूनतम तापमान लगभग सामान्य 18 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। शनिवार से आसमान में बादल विरल होने लगे। रविवार को बादल विरल होते ही धूप खिली और अधिकत तापमान बीते दो दिन की अपेक्षा 7.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया जो सामान्य से 1.5 डिगी सेल्सियस नीचे 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

फसल को नुकसान

अर्णब तूफान की वजह से काशी में हजारों हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद हो गई है। कृषि विभाग अपने स्तर से सर्व करा रहा है लेकिन विभाग के पास बीमित किसान नुकसान की भरपाई के लिए हर दिन दस से 15 आवेदन आ रहे हैं। इसके अलावा कई किसानों ने टोल फ्री नंबर 14447 पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है। अभी पूरा आंकड़ा विभाग के पास नहीं है।

पिछले साल भी यही स्थिति थी। 10 हजार से ज्यादा किसानों की फसल का वर्षा की वजह से नुकसान हुआ था। आराजीलाइन के पयागपुर, बड़ागांव के चिलबिला, हरहुआ ब्लाक के औरा गांव के अलावा लखापुर, मुर्दहा, चक्का, करोमा में राजातालाब के मोहनसराय, चौबेपुर के गरथौली तथा आसपास के इलाकों में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने कटाई के बाद धान का ढेर लगाया था और बारिश की वजह से भीगने से नुकसान हुआ।

जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है और कटाई के बाद रखी उनकी धान की फसल खराब हुई है तो वह क्षति के 72 घंटे के अंदर टोल-फ्री नंबर 14447 पर सूचना दर्ज करा दें। शिकायत करते समय आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर और बीमा पालिसी से जुड़े दस्तावेज पास रखें। इसके अलावा वाट्सएप के चैटबाट नंबर 7065514447 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए बीमा कम्पनी के जिला प्रबंधक सुशील कुमार तिवारी से उनके 7067279809 पर बात कर सकते हैं।

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- संगम सिंह, जिला कृषि अधिकारी।

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