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पितृ अमावस्या पर दशाश्वमेध घाट में उमड़ी भीड़, पितरों के मोक्ष के लिए हुआ तर्पण-पिंडदान

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 10 Oct 2026 11:43 AM (IST)

काशी के दशाश्वमेध घाट पर पितृ विसर्जन अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां उन्होंने पितरों की आत्मा की ...और पढ़ें

पितृ अमावस्या पर काशी के दशाश्वमेध घाट पर उमड़ा जनसैलाब, पितरों को दिया मोक्ष।

पितृ अमावस्या पर काशी के दशाश्वमेध घाट पर उमड़ा जनसैलाब, पितरों को दिया मोक्ष।

HighLights

  1. दशाश्वमेध घाट पर पितृ अमावस्या पर भारी भीड़।

  2. पितरों की आत्मा की शांति हेतु तर्पण-पिंडदान।

  3. प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। धर्म और आस्था की नगरी काशी में पितृ विसर्जन अमावस्या पर शनिवार को दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। सुबह से ही हजारों लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ तर्पण, पिंडदान और विसर्जन करते नजर आए। घाट पर दिनभर मंत्रोच्चार और भक्ति का माहौल बना रहा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों को दान देकर पितरों के प्रति आस्था व्यक्त की। तीर्थ पुरोहित विशाल शास्त्री ने बताया कि शनिवार को पितृ अमावस्या का समापन है। इस दिन गंगा घाट पर विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि किसी कारणवश घाट तक नहीं पहुंच पाने वाले लोग घर पर ही माता-पिता का पूजन कर तुलसी के पौधे में जल अर्पित कर सकते हैं।

गंगा का जलस्तर बढ़ा होने और गलियों में संकरी व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। भीड़ के मद्देनजर दशाश्वमेध घाट और मुख्य मार्गों पर पुलिस तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रही, ताकि श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी न हो। वहीं बनारस में प‍ितरकुंडा और कप‍िलमुन‍ि मंद‍िर में भी आस्‍थावानों की भीड़ लगी रही।