वाराणसी, जेएनएन। वैश्विक महामारी कोरोना से बचने के लिए लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज तो लगवा ली लेकिन अब दूसरी डोज लेने के लिए ज्यादातर लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। जी हां, वैक्सीन का रेफरल नंबर मोबाइल से गुम हो जाने के कारण स्वास्थ्य कर्मी दूसरी डोज नहीं लगवा रहे हैं। पहली डोज लगवाने पर ही मोबाइल पर रेफलर नंबर भेज दिया गया था। भूलवश अधिकांश लोगों ने नंबर को डिलीट कर दिया। जबकि कंप्यूटर में नाम व पता दिखने के बाद भी लोगों को वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। पूर्व में नाम व आधार नंबर बताने के बाद ही टीका लग जाता था। अब नए नियम से लोग हैरान हो गए हैं।

देशभर में जब तेजी से कोरोना की दूसरी लहर चली तो वैक्सीनेशन पर अधिक जोर दिया जाने लगा। चरणबद्ध तरीके से लोगों को टीका लगाया जा है। शासन से लेकर प्रशासन तक लोगों को कोविड का वैक्सीन लगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। लोगों में तो जागरूकता आ गई लेकिन बदले नियम ने लोगों को परेशान कर दिया है। पहली डोज लेने के बाद लोग अब दूसरी डोज के लिए भटकने लगे हैं। रामनगर स्थित लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में इन दिनों 18 से लेकर 44 उम्र और 45 से अधिक आयु के लोगों के टीका लगाया जा रहा है। सुबह लोग टीका लगवाने के लिए अस्पताल तो पहुंच रहे हैं लेकिन निराश होकर वापस चले जा रहे हैं।

क्या कहते हैं लोग

नए नियम के तहत पहली बार लगे डोज के बाद मिले रेफरल नंबर के अंतिम का चार डिजिट बताने के बाद ही दूसरा डोज लगाया जा रहा है। नंबर की जानकारी नहीं थी। अब लोग परेशान हो रहे हैं।

-नंदकुमार झा, रतनबाग, रामनगर

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए तो पहली डोज लगवा ली गई लेकिन अब दूसरी डोज के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। कंप्यूटर में नाम व पता तो दिख रहा है लेकिन रेफलर नंबर न होने के कारण टीका नहीं लगाया जा रहा है।

- मिठाई लाल, सूजाबाद, पड़ाव

पहली डोज की अवधि लगभग पूरी होने वाली है।ऐसे में अगर समय से दूसरी डोज नहीं लगाई गई तो दिक्कत होने का भय सताने लगा है। दूसरी डोज के नियम को सरल बनाना चाहिए।

-मालती देवी, रामपुर

जान बचाने के लिए ही कोरोना की पहली डोज लगाई थी लेकिन क्या पता था कि नियम कानून के कारण जान पर आफत आ जाएगी। जल्द दूसरी डोज नहीं लगाई जा सकी तो दिक्कत होगी।

- आशा देवी