वाराणसी, जेएनएन। गांवों में कोरोना संक्रमण की कड़ी तोड़ने लिए जिला प्रशासन प्राथमिक स्कूलों को क्वारंटाइन सेंटर बनाने जा रहा है। कोरोना संक्रमित परिवार एक कमरे में नहीं रहे, यदि उनके पास रहने की व्यवस्था नहीं हो तो निगरानी समिति को बताएं। निगरानी समिति उच्च अधिकारियों को सूचना देने के साथ पास के प्राथमिक स्कूलों को क्वारंटइन सेंटर बनाए। इसके लिए खंड विकस अधिकारी को निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री के जाने के बाद जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण से लोगों के बचाने के लिए तैयारी और तेज कर दी है।

गांवों में कोरोना संकमण तेजी से फैलने पर जिला प्रशासन ने कई विभागों की टीम गठित करते हुए घर-घर कोरोना दवा किट पहुंचाने का निर्देश दिया है। डीएम ने मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारियों को भी कोरोना दवा किट बांटने में लगाया है। साथ ही कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराने काे कहा है। वहीं, गांवों में कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें रहने के लिए छत नहीं है। यदि किसी योजना से एक कमरा मिल गया है तो उसमें पूरा परिवार रहता है। तबीयत खराब होने पर भी पूरा परिवार मजबूरीवश एक कमरे में रहता है लेकिन कोरोना संक्रमण होने पर एक कमरे में नहीं रहा जा सकता है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने विकास खंड अधिकारी को निर्देश दिया है कि ऐसे परिवारों को चिह्नित करें जिन्हें रहने के लिए एक कमरा हो और परिवार में कोई सदस्य संक्रमित हो। ऐसे लोगों के लिए तत्काल पास के प्राथमिक स्कूलों में क्वारंटाइन सेंटन बनाया जाए। खाने-पीने की व्यवस्था घर वाले ही करेंगे। परिवार का कोई सदस्य उन्हें खाने का सामान पहुंचाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी श्वासत आंदन सिंह ने बताया कि विकास खंड अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोरोना संक्रमित अपने परिवार के साथ नहीं रह सकता है।