वाराणसी, जागरण संवाददाता। कांग्रेस ने बुजुर्ग मतदाताओं को चार आयु वर्ग में बांटकर अपनी रणनीति वाराणसी में बनाई है। पार्टी की विचारधारा और नई नीतियों से जोड़ने की जिम्मेदारी बुजुर्ग कार्यकर्ताओं के कंधों पर डालने की तैयारी है। 

विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस बुजुर्गों का आशीर्वाद लेगी। पार्टी ने बुजुर्गों को चार आयुवर्ग में बांटकर रणनीति बनाई गई है। पहला वर्ग 60-69, दूसरा 70-79, तीसरा 80-89, चौथा वर्ग 90-99 की उम्र वालों का है। इन्हें अपनी ओर खींचने के लिए पार्टी ने बुजुर्ग कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा है। बुजुर्ग मतदाताओं को पार्टी की विचारधारा से जोडऩे के लिए बुजुर्ग कार्यकर्ता पूरा दमखम लगा रहे हैं। इसके लिए दो शिफ्ट में वह काम कर रहे हैं। पहली सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक। दूसरी शाम तीन से छह बजे तक। इसकी शुरुआत ग्रामीण क्षेत्र के रोहनिया, अजगरा, सेवापुरी, पिंडरा चार विधानसभा क्षेत्रों से हुई है। गांवों में आमतौर पर बुजुर्ग सुबह, दोपहर और शाम के समय बाजार में चाय-पान की दुकान पर बैठकी जमाते हैं। इसी दौरान कांग्रेस के बुजुर्ग कार्यकर्ता चाय और पान के बहाने वहां चुनावी चर्चा छेड़ दे रहे हैं। पार्टी की विचारधारा और नई नीतियों से अवगत कराते हुए उन्हें पार्टी से जोड़ने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं।

जीत में चचा, बाऊ के आशीष की होगी अहम भूमिका : कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री राजेश तिवारी कहते हैं कि हमारी जीत में चचा और बाऊ का आशीष अहम भूमिका निभाएगा। इसका प्रयोग हम छत्तीसगढ़ चुनाव में कर चुके हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार और संभावित दावेदार वर्तमान समय में इसी रणनीति पर काम कर रहे हैं। जिले के आठों विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं की कुल संख्या लगभग चार लाख के आसपास है। जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार सौ वर्ष की आयु पूरी कर चुके 401 मतदाता हैं। जबकि 90-99 आयु वर्ग 5703, 80-89 आयु वर्ग में 42,763 मतदाता हैं।

Edited By: Abhishek Sharma