साधन सहकारी समितियों पर सचिव हड़ताल पर, खाद की उठान ना होने से खेती प्रभावित
साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल से खाद वितरण रुक गया है, जिससे रबी की बोआई प्रभावित हो रही ...और पढ़ें

साधन सहकारी समितियों की हड़ताल से खाद संकट, रबी की बोआई पर मंडराया खतरा।
HighLights
सचिवों की हड़ताल से खाद वितरण पूरी तरह बाधित।
रबी की बोआई प्रभावित, किसानों में बढ़ी चिंता।
कई जिलों में वैकल्पिक व्यवस्थाएं, कुछ सचिव निलंबित।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मीरजापुर व आजमगढ़ मंडल सहित वाराणसी के भी जिलों में साधन सहकारी समितियों पर सचिव नियमित वेतनमान को लेकर 22 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। इससे खाद का उठान हो रहा न वितरण। रबी की बोआई प्रभावित हो रही है। किसानों में चिंंता है तो दूसरी ओर खेती के आगामी सत्र पर संकट के बाद मंडरा रहे हैं।
मीरजापुर में सख्ती करेत हुए छह सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। छह को सेवा समाप्ति की नोटिस दिया गया है।
खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके लिए एग्री जंक्शन, इफकाे बाजार व आइएफएफडीसी को अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
भदोही के रमईपुर, गोपीगंज की समितियों को खोलवाकर में गुरुवार व शुक्रवार को डीएपी और यूरिया का वितरण कराया गया। सहायक निबंधक ने सभी सचिवों को नोटिस जारी कर समितियां खोलने का निर्देश दिया है।
चंदौली में कृभकों के दो केंद्रों से उर्वरक वितरण कराया जा रहा है। हालांंकि जिले में अधिक दिक्कत इस लिहाज से कम है क्योंकि यहां धान की खेती ही सर्वाधिक होती है और अभी कटाई का दौर है।
गाजीपुर में सहकारिता विभाग ने इफ्को की 65 फ्रेंचाइजी और कुछ समितियों पर सहायकों के माध्यम से वितरण की व्यवस्था की है। एक सचिव के खिलाफ एस्मा के तहत मुकदमा लिखवाया है। पांच की सेवा समाप्ति की संस्तुति की है।
सोनभद्र में जिला प्रशासन 30 समितियों पर वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से वितरण करवा रहा है।
जौनपुर में पीसीएफ व डीसीएफ के 12 मुख्य केंद्रों से वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को दुश्वारी अपेक्षाकृत कम है।
आजमगढ़ में सचिवों के हड़ताल में शामिल होने और उर्वरक बिक्री का पैसा जमा नहीं करने पर दो सचिव निलंबित किए गए हैं और 15 को नोटिस दी गई है।
मीरजापुर में खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। छह सचिव निलंबित, छह को सेवा समाप्ति की नोटिस दिया गया है। इसकी वजह से विभागीय सक्रियता जमीन पर नजर आ रही है। हालांकि पूर्वांचल में हड़ताल से अधिक समस्या दीपावली के बाद ही नजर आएगी जब रबी की खेती शुरू हो जाएगी।