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वाराणसी, मीरजापुर और आजमगढ़ मंडलों में जमकर गरजे- बरसे बादल, ओलावृष्‍ट‍ि से फसलों को काफी नुकसान

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 05 Oct 2026 06:20 PM (IST)

पूर्वांचल के वाराणसी, मीरजापुर और आजमगढ़ मंडलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया ...और पढ़ें

पूर्वांचल में बारिश और ओलावृष्टि का कहर, किसानों की फसलों को भारी नुकसान।

पूर्वांचल में बारिश और ओलावृष्टि का कहर, किसानों की फसलों को भारी नुकसान।

HighLights

  1. पूर्वांचल में वाराणसी, मीरजापुर, आजमगढ़ में भारी बारिश, ओलावृष्टि हुई।

  2. तेज हवाओं और ओलों से धान सहित फसलों को गंभीर नुकसान।

  3. अचानक बदले मौसम से किसान चिंतित, आगे भी बारिश की संभावना।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल के तीनों प्रमुख मंडलों क्रमश: वाराणसी, मीरजापुर और आजमगढ़ में जमकर बरसात हुई है। दोपहर बाद से उत्‍तर ही ओर से आए बादलों ने जमकर गरज चमक और तेज हवाओं और ओलावृष्‍ट‍ि के साथ तांडव मचाना शुरू क‍िया। सबसे पहले आजमगढ़ और वाराणसी मंडलों में बादलों ने शाम को मोर्चा संभाला तो इसके बाद मीरजापुर मंडल में भी बार‍िश शुरू हो गई।

सोमवार की शाम को तेज हवा के साथ बारिश ने फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। माहुल क्षेत्र में ओले गिरने से धान की फसल प्रभावित हुई है। ओलों के कारण पेड़ों की टहनियां टूट गईं। रसूलपुर में तेज हवा के चलते एक पेड़ गिर गया, जिससे गांव वालों का आवागमन बाधित हो गया।

आजमगढ़ में दिन में लगभग चार बजे तेज हवा के साथ वर्षा शुरू हुई, जिसके कुछ ही देर बाद छोटे-छोटे ओले गिरने लगे। यह सिलसिला लगभग दस मिनट तक चला। कुछ समय बाद ओले गिरना बंद हो गए, लेकिन दो मिनट बाद फिर से ओले गिरने लगे। बिलरियागंज क्षेत्र में भी तेज हवा के साथ बारिश ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, पटवध कोतुक में लल्ला राय के बगीचे में बनी मड़ई भी गिर गई। बारिश लगभग आधा घंटे तक जारी रही।

इस अप्रत्याशित मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि फसलें तैयार होने के कगार पर थीं। किसानों का कहना है कि इस तरह के मौसम से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों में इसी तरह के मौसम की संभावना जताई है, जिससे किसानों में और चिंता बढ़ गई है।

पूर्वांचल में हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि किसानों की आजीविका पर भी संकट खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि किसान इस स्थिति में क्या कदम उठाते हैं। हालांक‍ि यह मानासूनी बार‍िश नहीं बल्‍क‍ि मौसमी बदलाव की स्‍थ‍ित‍ि से उपजे हालातों की वजह से बार‍िश हुई है।