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वाराणसी के साथ ही सोनभद्र का चुर्क अक्‍टूबर माह में तीसरा सबसे ठण्डा दिन रहा, अर्नब चक्रवात ने बनाया र‍िकार्ड

By Anil Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 30 Oct 2026 09:19 PM (IST)

चक्रवाती तूफान अर्णब के अवशेषों से उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश हुई, जिससे दिन के तापमान में 9 डिग्री तक ...और पढ़ें

चक्रवात अर्णब ने अक्टूबर में ही लाई रिकॉर्ड तोड़ ठंड, यूपी में तापमान 9 डिग्री गिरा!

चक्रवात अर्णब ने अक्टूबर में ही लाई रिकॉर्ड तोड़ ठंड, यूपी में तापमान 9 डिग्री गिरा!

HighLights

  1. चक्रवात अर्णब से यूपी में व्यापक बारिश और ठंड।

  2. दिन के तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट।

  3. अक्टूबर में कई जिलों में रिकॉर्ड तोड़ ठंड दर्ज।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। अति प्रचंड चक्रवाती तूफान “अर्णब” के अवशेषों और मौसम के अन्य सक्रिय तंत्रों के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के मौसम में अचानक एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लगातार हो रही व्यापक और झमाझम बारिश के कारण प्रदेशभर में दिन के तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस बेमौसम और भारी ठंड ने अक्टूबर के महीने में ही सर्दियों का अहसास करा दिया है, जिससे कई जिलों में पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड टूट गए हैं।

इन जिलों में दर्ज हुआ अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चक्रवाती तूफान के अवशेष के सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने और बंगाल की खाड़ी से आ रही आर्द्र पुरवा हवाओं की पश्चिमी विक्षोभ के साथ हुई प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का दौर चला। इसके चलते पूर्वांचल के गाजीपुर, बस्ती, बलिया और फुर्सतगंज (अमेठी) में अक्टूबर माह के इतिहास में सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया और ये इलाके सबसे ठंडे दिन के गवाह बने।

इसके साथ ही, बाराबंकी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, मुजफ्फरनगर और मेरठ के प्रेक्षण इतिहास में इसे अक्टूबर माह का दूसरा सबसे ठंडा दिन माना गया है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी सहित झांसी, गोरखपुर और चुर्क (सोनभद्र) में यह अक्टूबर का तीसरा सबसे ठंडा दिन रहा। राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में भी साल 2015 के बाद अक्टूबर महीने में अधिकतम तापमान में इतनी भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह वहां का पांचवां सबसे ठंडा दिन बन गया।

मौसम प्रणालियों की स्थिति और आगे का पूर्वानुमान
विभागीय जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मौसमी घटनाक्रम 30 अक्टूबर की सुबह 08:30 बजे उत्तरी छत्तीसगढ़ तथा संलग्न पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय था, जो बाद में कमजोर होकर एक सामान्य निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया। इसके अलावा, उत्तरी-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होते हुए निम्न क्षोभमंडल तक जा रही द्रोणी (ट्रफ) और उत्तरी पंजाब के निकट सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने इस बारिश की तीव्रता को और बढ़ा दिया था।

हालांकि, राहत भरी खबर यह है कि इन मौसम तंत्रों का प्रभाव अब तेजी से क्षीण हो रहा है। पिछले 48 घंटों से प्रदेशभर में जारी बारिश के इस दौर में कल से व्यापक कमी आने की पूरी संभावना है। धीरे-धीरे बादलों के छंटने और मौसम के साफ होने से आगामी एक सप्ताह के दौरान दिन के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

इसके विपरीत, रात के समय न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे सुबह और शाम की सिहरन और अधिक बढ़ सकती है। लगातार हुई इस बारिश से जहां एक ओर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, वहीं आम जनजीवन को भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

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