वाराणसी, जेएनएन। मुंबई निवासी रंजीत राणे अपने पिता की अस्थियों को काशी लाकर गंगा में प्रवाहित करना चाहते थे। हालांकि एयरलाइंस की लापरवाही के चलते रंजीत तो विमान से वाराणसी आ गए लेकिन जिस बैग में अस्थि कलश रखा गया था वह मुंबई में ही रह गया। एयरलाइंस के रवैये से नाराज बेटे ने पुलिस से शिकायत की। आखिरकार अस्थि कलश न आने के चलते शाम को मुंबई वापस लौटना पड़ा।

रंजीत ने बताया की रविवार को वह स्पाइसजेट एयरलाइंस के विमान एसजी-704 से मुंबई से वाराणसी आए। मुंबई एयरपोर्ट पर उन्होंने चेकिंग कराने के बाद अपना बैग एयरलाइंस को सौंप दिया। उसी बैग में उनके पिता का अस्थि कलश रखा था। राणे सुबह 10 बजे एलबीएस एयरपोर्ट पहुंच गए। लेकिन उन्हें बैग नहीं मिला। जब इस बाबत एयरलाइंस के स्थानीय अधिकारियों से बात की तो पता चला कि बैग मुंबई में छूट गया है अगले विमान से आएगा। रंजीत का आरोप है कि वे सुबह से लेकर दोपहर तक एयरपोर्ट पर बैठे रहे लेकिन बैग नहीं आया। रंजीत ने रविवार शाम का ही वापसी का टिकट ले रखा था।

जब राणे ने एयरलाइंस के सहायक प्रबंधक से बात की तो अधिकारी उल्टा उन्हें ही डांटने लगा और अभद्र व्यवहार करने लगा। नाराज रंजीत फूलपुर थाने पहुंचे और पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर वापस कर दिया। इस घटना पर एयरलाइंस अफसरों का बयान चौंकाने वाला बयान आया। अधिकारियों के मुताबिक बैग छूटना सामान्य घटना है।

Posted By: Abhishek Sharma

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