प्रदेश कार्यसमिति और मोर्चों की कमेटियों से भाजपा ने साधा कार्यकर्ताओं को, बनने लगी चुनावी रणनीति
भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति और विभिन्न मोर्चों की कमेटियों की घोषणा कर कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर की है। इसे आगामी ...और पढ़ें

भाजपा ने नई कार्यसमिति से कार्यकर्ताओं को साधा, चुनावी रणनीति तैयार।
HighLights
भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति व मोर्चों की घोषणा की।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर कर संगठन को मजबूत किया।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी रणनीति बनी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। भाजपा नेतृत्व ने बहुप्रतिक्षित प्रदेश कार्यसमिति से लगायत विभिन्न मोर्चों व प्रकोष्ठ की कमेटियों की घोषणा कर दी है। इससे संगठन को मजबूती मिल रही है साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी को भी दूर कर डैमेज कंट्रोल किया है।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष 10 वर्ष से तैनात थे। महानगर अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद कमेटी डेढ़ वर्ष तक घोषित नहीं हुई। जब कमेटियां घोषित हुईं तो चेहरे देखकर कमेटी में अपनों को शामिल करने के आरोप लगे। कई वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस करने लगे। कुछ ने इंटरनेट मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी नाराजगी जाहिर की।
बात निकली तो दूर तक गई। आनन-फानन में नेतृत्व ने प्रदेश कार्यसमिति, मोर्चाें, प्रकोष्ठों में प्रदेश से लेकर क्षेत्र, जिला-महानगर में शामिल किया गया। कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने में वाराणसी महानगर (शहरी क्षेत्र) में भी किसान मोर्चा बना दिया। इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नाराज कार्यकर्ताओं के बीच डैमेज कंट्रोल की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
548 सदस्य वाली प्रदेश कार्यसमिति में काशी क्षेत्र से 101 सदस्य
भाजपा नेतृत्व ने जंबो प्रदेश कार्यसमिति में 98 संगठनात्मक जिलों से 548 कार्यकर्ताओं को सदस्य बनाया गया है। काशी क्षेत्र से 101 में वाराणसी के रामगोपाल मोहले, शशिकांत राय, सौरभ सिंह, सुधीर मिश्र, सत्यप्रकाश सिंह अखंड, निर्मला पटेल, वीणा पांडेय, अजय कुमार सिंह, सुधीर सिंह समेत 14 लोगों को जगह मिली है।
इसमें कई वर्तमान में किसी भी पद पर नहीं थे। किसान मोर्चा, महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक, ओबीसी मोर्चा की जिला-महानगर कमेटी में 34 से लेकर 47 कार्यकर्ताओं को उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, कोषाध्यक्ष, मीडिया संयोजक, सह संयोजक, आइटी, कोषाध्यक्ष आदि पद दिए हैं। प्रदेश स्तर पर प्रकोष्ठों में भी संयोजक, सहसंयोजक और सदस्य शामिल किए गए हैं।
जातियों को भी साधने का प्रयास
नेतृत्व ने इसके माध्यम से लगभग प्रत्येक जातियों को साधा है। मुख्य कमेटी के साथ मोर्चों व प्रकोष्ठों में पांडेय, ओझा, कसेरा, तिवारी, उपाध्याय, रावत, शर्मा, सेठ, परिहार, यादव, अग्रहरि, क्षत्रिय, केशरी, गुप्ता, मिश्रा, मौर्या, श्रीवास्तव, पांडेय, वर्मा, पाठक, पात्रोें, विश्वकर्मा, जायसवाल, पासवान, साही, राजभर, चौबे, साहू, चतुर्वेदी, सोनकर, वेनवंशी, कनौजिया, बाल्मीकि, पासवान, धारिया, गोंड़, खरवार, कश्यप, सिन्हा, मल्लाह, चौधरी समेत चार दर्जन जातियों को शामिल किया गया है।