जागरण संवाददाता, वाराणसी। बड़ा लालपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में आयोजित भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अधिवेशन पांच प्रस्ताव लाए गए तो एक समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह वर्ष अमृत महोत्सव का है। देश की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने पर मनाया जा रहा है। ऐसे में अनुसूचित जाति मोर्चा को भी प्रदेश के 75 जिलों में निकलना चाहिए। सरकार की ढांचागत विकास व जन कल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री की ओर से आए प्रस्ताव को अधिवेशन के समापन सत्र में बैठे मोर्चा के पदाधिकारियों ने एक स्वर में पास कर दिया।

इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री भोला सिंह ने मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दो दिवसीय अधिवेशन में आयोजित हुए छह सत्रों के बाबत जानकारियां मीडिया से साझा कीं। उन्होंने कहा कि एक निंदा तो दो धन्यवाद प्रस्ताव के साथ ही पांच प्रस्ताव लाए गए थे। छठवां सत्र समापन का था। पहला प्रस्ताव सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास था। इसमें केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं पर चर्चा करते हुए अनुसूचित जाति के लोगों को मिले लाभ पर प्रकाश डाला गया। दूसरा प्रस्ताव कांग्रेस द्वारा डा. आंबेडकर व अनुसूचित जाति के अपमान के षड्यंत्र का था। इसमें मोर्चा के पदाधिकारियों ने कांग्रेस की निंदा की। तीसरा राष्ट्रीय समरसता दिवस तथा 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने का प्रस्ताव आया। चौथा प्रस्ताव राजनीतिक व सामाजिक समानता के सराहनीय प्रयास और पांचवां प्रस्ताव मोदी सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के सशक्तिकरण की सौगात आया। सभी प्रस्ताव पास हो गए। समापन समारोह के अंत में व्यवस्था में लगे लोगो का आभार व्यक्त किया गया। अध्यक्षता अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य व संचालन अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री संजय निर्मल ने किया।

मंचासीन अतिथि

राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा एवं मोर्चा प्रभारी सीटी रवि, सांसद राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा दुष्यंत कुमार गौतम, सांसद व राष्ट्रीय मंत्री विनोद सोनकर, केंद्रीय मंत्री डा. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर व भानू प्रताप सिंह, वी सतीश, डा. सत्य नारायण जटिया, डा. संजय पासवान, रमापति शास्त्री, डा. विजय सोनकर शास्त्री, संजय निर्मल, महंत शंभूनाथ टुंडिया, नारायण सिंह केसरी, डा. अनीता आर्य, रामचंद्र कनौजिया आदि मौजूद थे।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty