वाराणसी : रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर काशीवासियों का उत्साह उस समय दोगुना हो गया जब विद्युत विभाग ने वीरांगना के भदैनी स्थित स्मारक में बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया। इसके साथ ही जेनरेटर की धड़धड़ शांत हुई, पूरा परिसर रोशन हुआ और रानी लक्ष्मीबाई की जयकार से इलाका गूंज उठा। चार दिन पहले आइडीपीएस के तहत बिजली के तार भूमिगत करने के बाद विद्युत विभाग कर्मियों ने प्रमाण न दिखाने पर बिजली कनेक्शन काट दिया था। नगर निगम व पर्यटन विभाग के अफसरों तक गुहार-मनुहार के बाद भी बात नहीं बनी।

ऐसे में जयंती पर संकट मोचन मंदिर महंत व जागो बनारस के अध्यक्ष दीपक मधोक की ओर से जेनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। शाम को इसकी ही रोशनी में जागृति फाउंडेशन के तत्वावधान में वीरांगना को पुष्पांजलि दी गई। देश की आन-बान-शान के लिए उनके समर्पण को याद किया। महंत प्रो. मिश्र ने कहा रानी लक्ष्मीबाई जन्म स्थली के लिए विकास के लिए महाराज बनारस व उनकी ओर पर्यटन विभाग को जमीन उपलब्ध दी गई। इससे इतर सरकारी महकमे ने काशीवासियों का दिल दुखाया। उन्होंने विद्युत विभाग की ओर से देर से ही सही बिजली आपूर्ति बहाली को किए जाने को सकारात्मक व सहयोगात्मक कदम बताया।

नगर निगम से होगी वसूली

रानी लक्ष्मी बाई जन्मस्थली में बिजली कनेक्शन की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे नगर निगम से ही कनेक्शन व बिल की वसूली की जाएगी। नगरीय विद्युत वितरण खंड (चतुर्थ) के अधिशासी अभियंता मनोज अग्रवाल ने बताया कि रानी लक्ष्मी बाई की जन्मस्थली ऐतिहासिक स्थान है। ऐसे में रविवार शाम बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया गया। चार दिनों की पड़ताल में सामने आया है कि जन्म स्थली पर नगर निगम की ओर से केयर टेकर तैनात किया गया है। ऐसे में स्पष्ट है कि बिजली की जिम्मेदारी भी नगर निगम की ही है। अब सोमवार को लोड चेक करने के बाद इस पर आने वाले खर्च का बजट प्रस्ताव नगर निगम को भेजा जाएगा। इसे निगम से ही वसूला भी जाएगा।

Posted By: Jagran