पेंशनरों के लिए बड़ी राहत: अब घर बैठे आसानी से जमा करें डिजिटल जीवन-पत्र, कोषागार ने जारी की एडवाइजरी
वाराणसी में पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया अब बेहद सरल हो गई है। स्मार्टफोन ऐप के ...और पढ़ें

वाराणसी के पेंशनरों के लिए खुशखबरी: घर बैठे जमा करें डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र, कोषागार ने की प्रक्रिया आसान।
HighLights
पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करना हुआ आसान।
स्मार्टफोन ऐप 'आधार फेस आरडी' से घर बैठे प्रक्रिया।
बुजुर्गों को कोषागार कार्यालय आने से मिलेगी मुक्ति।
जागरण संवाददाता, वाराणसी: जनपद के समस्त पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन और कोषागार विभाग द्वारा पेंशनरों को जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया को बेहद सुगम और सरल बना दिया गया है।
मुख्य कोषाधिकारी गोविन्द सिंह ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी करते हुए जिले के सभी पेंशनरों को समय रहते अपना डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की सलाह दी है, विशेषकर उन लोगों को जिनकी प्रमाण-पत्र की वैधता जल्द ही समाप्त होने वाली है।
अब पेंशनरों को अपने जीवन प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण या वार्षिक सत्यापन के लिए लंबी कतारों में लगने या सीधे कोषागार कार्यालय के चक्कर काटने की कोई आवश्यकता नहीं है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पेंशनर अब घर बैठे ही पूरी तरह से डिजिटल और सुरक्षित माध्यम से अपने स्मार्टफोन के जरिए इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
स्मार्टफोन के जरिए ऐसे करें प्रक्रिया पूरी
मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि तकनीक का लाभ उठाते हुए पेंशनर अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से दो मुख्य एप्लिकेशन—'Aadhaar Face RD' और 'Jeevan Pramaan' ऐप को आसानी से डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकते हैं। ऐप इंस्टॉल करने के बाद पेंशनरों को सबसे पहले डिवाइस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
इसके पश्चात, आवेदन फॉर्म में अपना आधार नंबर, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर, सक्रिय ई-मेल आईडी दर्ज करनी होगी, जो वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए सत्यापित की जाएगी। ओटीपी सत्यापन सफल होने के बाद पेंशनर को अपनी सेवा से जुड़े कुछ आवश्यक विवरण भरने होंगे।
इन जानकारियों को रखना होगा तैयार
डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र फॉर्म भरते समय पेंशनर को अपना पूरा नाम, पेंशन का प्रकार (जैसे- सेवा या पारिवारिक पेंशन), स्वीकृति प्राधिकारी का नाम, संबंधित कोषागार का विवरण, पीपीओ (PPO) नंबर, बैंक खाता संख्या और बैंक का आईएफएससी कोड जैसी बुनियादी जानकारियां दर्ज करनी होंगी। सभी विवरण सही-सही भरने के बाद फेस रिकग्निशन (चेहरे की पहचान) तकनीक के माध्यम से पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र स्वतः जनरेट और अपडेट हो जाता है।
कोषागार कार्यालय आने से मिलेगी मुक्ति
विभाग का मानना है कि इस डिजिटल और फेस ऑथेंटिकेशन आधारित सुविधा से विशेष रूप से बुजुर्ग, अस्वस्थ और चलने-फिरने में असमर्थ पेंशनरों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अब उन्हें कड़ाके की ठंड या अन्य शारीरिक असुविधाओं के बीच सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कोषागार प्रशासन ने सभी संबंधित पेंशनरों से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखते हुए घर बैठे ही इस डिजिटल सेवा का लाभ उठाएं और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचें।
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