विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

BHU ट्रामा सेंटर में बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग, 80 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

Published: Sun, 18 Oct 2026 03:53 PM (IST)

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में मरीजों और तीमारदारों को पार्किंग की समस्या से निजात मिलेगी। परिसर में 70-80 ...और पढ़ें

बीएचयू ट्रामा सेंटर में मल्टीलेवल पार्किंग की तैयारी।

बीएचयू ट्रामा सेंटर में मल्टीलेवल पार्किंग की तैयारी।

HighLights

  1. BHU ट्रामा सेंटर में मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव।

  2. 70-80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से होगा निर्माण।

  3. पार्किंग से आपातकालीन पहुंच में सुधार होगा।

शैलेश अस्थाना, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को जल्द ही पार्किंग की समस्या से राहत मिलने की संभावना है।

अस्पताल परिसर में वाहनों का दबाव कम करने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना है। इससे सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण लगने वाले जाम को कम करने और इमरजेंसी तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

भूतल के अतिरिक्त चार या पांच मंजिल की बनने वाली प्रस्तावित पार्किंग का मानचित्र तैयार किया जा रहा है। इसकी क्षमता, लागत और निर्माण की समय सीमा तय करके फाइनेंस कमेटी को धन की मांग हेतु शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा।

बीएचयू की कार्यकारिणी परिषद की सितंबर 2026 में हुई बैठक में अस्पतालों में मरीजों की सुविधाएं बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसी क्रम में अस्पताल परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग की योजना सामने आई। इससे पहले सर सुंदरलाल चिकित्सालय के आसपास भी ऐसी पार्किंग बनाने की योजना पर काम आगे बढ़ चुका है।

ट्रामा सेंटर के आचार्य प्रभारी प्रो. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि प्रस्तावित पार्किंग के लिए अभी एचडीएफसी बैक के सामने वर्तमान इमारत के पीछे वाली भूमि को चिह्नित किया गया है। वहांं उपलब्ध आठ-10 बिस्वा भूमि पर इसका निर्माण कराया जाएगा।

आर्किटेक्ट ने आकर भूमि का निरीक्षण भी कर लिया है। विश्वविद्यालय निर्माण विभाग के आचार्य प्रभारी प्रो. अंचल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रस्तावित पार्किंग की लागत 70-80 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

गंभीर मरीजों के लिए अहम है रास्ता

ट्रामा सेंटर में सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में गंभीर मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही और इमरजेंसी प्रवेश द्वार तक त्वरित पहुंच बेहद महत्वपूर्ण है। पार्किंग की व्यवस्थित व्यवस्था होने से परिसर में वाहनों का दबाव घटाने में मदद मिल सकती है।

यह भी पढ़ें- वाराणसी में मंदिरों के चढ़ावे से बनेगी अगरबत्ती, 80 महिलाओं को मिला रोजगार