BHU में 200 थीसिस कबाड़ में बेचीं, चोरी छिपाने के लिए दूसरी आलमारी का तोड़ा ताला; जांच कमेटी गठित
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में करीब 200 शोध प्रबंध कबाड़ी को बेच दिए गए। मामले ...और पढ़ें

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HighLights
बीएचयू में 200 शोध प्रबंध कबाड़ी को बेचे गए।
चोरी छिपाने के लिए दूसरी आलमारी का ताला तोड़ा गया।
मामले की जांच हेतु पांच सदस्यीय समिति गठित हुई।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में करीब 200 शोध प्रबंध कबाड़ी को बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि चोरी का मामला छिपाने के लिए दूसरी आलमारी का ताला तोड़कर उसमें कुछ शोध प्रबंध रख दिए गए। संकाय प्रमुख प्रो. राजाराम शुक्ल ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है, जिसे एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, छह अक्टूबर की शाम दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने आलमारी से शोध प्रबंध निकाले और कबाड़ी को बुलाकर उन्हें तौलकर बेच दिया। सात अक्टूबर की सुबह मामला सामने आने पर खोजबीन शुरू हुई तो दोनों कर्मचारी गायब मिले। आठ अक्टूबर की सुबह दूसरी आलमारी का ताला टूटा मिला। उसमें आठ-दस शोध प्रबंध रखे होने की बात सामने आई।
कठोर कार्रवाई की मांग
विभाग खोलने-बंद करने और चाबियां रखने की जिम्मेदारी भी इन्हीं कर्मचारियों के पास थी। कुछ लोगों ने सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों को शोध प्रबंध निकालकर कबाड़ी को बेचते देखने का दावा किया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। छात्रों ने नाराजगी जताते हुए बौद्धिक संपदा और वर्षों की मेहनत के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने बताया कि संकाय से सीसीटीवी फुटेज मांगी गई है। इसे सोमवार को जांच समिति को उपलब्ध करा दिया जाएगा। जांच में तथ्य सामने आने के बाद संकाय या विभाग पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकता है।
