संगीत से तनाव प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन का गुर सीखेंगे बीएचयू के विद्यार्थी
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दो दिवसीय संगीत चिकित्सा कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें 98 विद्यार्थियों ने तनाव प्रबंधन और भावनात्मक ...और पढ़ें

संगीत चिकित्सा कार्यशाला: बीएचयू के छात्रों ने सीखा तनाव और भावनाओं को संतुलित करना।
HighLights
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दो दिवसीय संगीत चिकित्सा कार्यशाला आयोजित।
98 विद्यार्थियों ने तनाव प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन के गुर सीखे।
डॉ. दुर्गेश उपाध्याय ने चिकित्सीय संगीत के उपयोग पर मार्गदर्शन दिया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम भी है। इसी उद्देश्य से काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कार्यकारी सेवा प्रकोष्ठ (डब्ल्यूबीएससी) की ओर से दो दिवसीय संगीत चिकित्सा कार्यशाला आयोजित की गई। दो और तीन नवंबर को वैदिक विज्ञान केंद्र के सेमिनार हाल में आयोजित कार्यशाला में 98 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
‘दैनिक जीवन में चिकित्सीय संगीत का उपयोग’ विषय पर आयोजित कार्यशाला का संचालन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग के सहायक आचार्य एवं संगीत चिकित्सा प्रयोगशाला एवं अनुसंधान केंद्र के समन्वयक डा. दुर्गेश कुमार उपाध्याय ने किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रकार के संगीत का व्यक्ति की भावनात्मक अवस्था और मनोदशा पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।
सजगता के साथ संगीत सुनने से तनाव प्रबंधन और भावनाओं के नियमन में मदद मिल सकती है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को निर्देशित संगीत श्रवण, आत्मचिंतन और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से संगीत एवं मनोदशा के संबंध समझाए गए। साथ ही भावनात्मक नियमन और आत्म-देखभाल के लिए व्यक्तिगत संगीत आधारित योजनाएं तैयार करने का अभ्यास कराया गया।