विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बीएचयू की प्रोफेसर के कुत्ते ने 11 वर्षीय बच्चे पर किया हमला, चेहरे-सिर पर लगे 60 टांके

Published: Fri, 14 Aug 2026 12:00 AM (IST)

काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में हिंदी विभागाध्यक्ष के पालतू कुत्ते ने 11 वर्षीय बच्चे पर हमला कर उसके सिर व चेहरे को नोच लिया, जिससे उसे 60 टांके लगे।

बीएचयू की प्रोफेसर के कुत्ते ने 11 वर्षीय बच्चे पर किया हमला।

बीएचयू की प्रोफेसर के कुत्ते ने 11 वर्षीय बच्चे पर किया हमला।

HighLights

  1. बीएचयू प्रोफेसर के कुत्ते ने 11 वर्षीय बच्चे पर हमला किया।

  2. बच्चे के सिर और चेहरे पर लगभग 60 टांके लगे।

  3. प्रोफेसर ने कुत्ते के हमले से साफ इनकार किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर के त्यागराज कालोनी परिसर में गुरुवार की सुबह हिंदी विभागाध्यक्ष के पालतू कुत्ते ने उधर टहल रहे 11 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया और उसके सिर तथा चेहरे को कई जगह नोच लिया।

कुत्ते के हमले में बालक बुरी तरह घायल हो गया, राहगीरों ने उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, वहां लगभग तीन घंटे चले आपरेशन के पश्चात उसके घावों पर टांका लगाया गया। घटना के घंटों बाद बालक होश में आया तो उसने कुत्ते द्वारा हमला करने की बात बताई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

घायल बालक अभिनव के पिता प्रेमराम जाखड़ बीएचयू अस्पताल में सीनियर नर्सिंग आफिसर हैं। उन्हाेंने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह अपने दोनों बेटों 14 वर्षीय हर्ष और 11 वर्षीय अभिनव के साथ कालोनी में टहलते हैं।

गुरुवार की सुबह टहलते हुए बड़ा वाला बेटा दौड़कर आगे निकल गया। छोटे वाले बेटे को वहीं से घर वापस लौटने को कहकर प्रेमराम बड़े बेटे को देखने के लिए आगे बढ़ गए। छोटा बेटा घर की ओर चला तभी हिंदी विभाग की अध्यक्ष, पूर्व डिप्टी चीफ प्राक्टर प्रो. श्रद्धा सिंह के दो पालतू कुत्तों में से एक ने अभिनव पर हमला कर दिया और उसे कई जगह से नोंच कर घायल कर दिया।

तभी वहां से गुजर रहे राहगीरों ने बच्चे को बचाया और उसे बाइक पर बैठाकर ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी ले जाकर भर्ती कराए। बच्चे से उसकी मां का मोबाइल नंबर लेकर राहगीरों ने घर सूचना दी। ठीक उसी समय बडे बेटे को लेकर घर पहुंचे पिता को घटना की जानकारी हुई तो वे भी भागकर ट्रामा पहुंचे।

पिता प्रेमराम ने बताया कि चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत कुत्ते के काटने की पुष्टि कर दी है और तदनुसार उसका उपचार चल रहा है। चेहरे व सिर में लगभग 60 टांके लगे हैं।

प्रो. श्रद्धा ने किया कुत्ते के हमले से इनकार

प्रो. श्रद्धा सिंह से उनके कुत्ते के बारे में पूछे जाने पर इस प्रकार की घटना से साफ इन्कार कर दिया। कहा कि बच्चे को उनके कुत्ते ने नहीं काटा है, उन्होंने स्वयं को प्रत्यक्षदर्शी बताते हए कहा कि बच्चा दौड़ते हुए जा रहा था और गिर पड़ा, टूटी-फूटी सड़क पर बिखरी गिट्टियों से उसे काफी चोट लगी और तभी उधर से गुजर रही एक बाइक ने भी असंतुलित होकर उसे हल्की सी टक्कर मार दिया। इससे बच्चे को काफी चोटें आईं।

घटना देखते ही वह दौड़कर अंदर जाकर अपनी मोबाइल से एंबुलेंस को काल की, तब तक दो राहगीर बच्चे को बाइक पर बैठाकर लेकर चले गए। सारी घटना सीसीटीवी में कैद है। मैंने प्राक्टर आफिस को भी सूचना दे दी है। बच्चे के अभिभावक आकर फुटेज देख सकते हैं।

उन्होंने कहा कि संभव है जिस राहगीर की बाइक से टक्कर लगी है, उसी ने कुत्ते के हमले की कहानी बनाई हो। प्रोफेसर सिंह के पास क्रीम और भूरे रंग के दो पालतू कुत्ते हैं। उनसे जब कुत्ते की नस्ल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे नहीं मालूम।

पालतू कुत्ते के लिए लाइसेंस जरूरी

वर्तमान में नगर क्षेत्र में 425 कुत्तों का लाइसेंस जारी किया गया है। लाइसेंस नहीं लेने की स्थिति में संबंधित को नोटिस दिया जाता है। इसके बावजूद लाइसेंस नहीं लेने पर नजदीकी थाने में एफआइआर दर्ज कराया जाता है। इस मामले में प्रजाति का कोई भेद नहीं है। -डॉ. विजय अमृतराज, पशु चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम।

यह भी पढ़ें- वाराणसी: सीएमओ की कुर्सी संभालते ही एक्शन में डॉ. नरेंद्र प्रताप, लापरवाही बरतने वालों को दी सख्त चेतावनी