बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में बीएचयू की प्रो. उत्तमा दीक्षित ने लाइव पेंटिंग से मोहा मन
काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. उत्तमा दीक्षित ने बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में अपनी एकल कला प्रदर्शनी और लाइव पेंटिंग ...और पढ़ें

‘द फारेस्ट सीरीज’ की 35 कलाकृतियों की एकल प्रदर्शनी।
HighLights
प्रो. उत्तमा दीक्षित की बर्लिन में एकल कला प्रदर्शनी।
'द फारेस्ट सीरीज' और भारतीय पर्यावरणीय दर्शन का प्रदर्शन।
ब्रश के बिना उंगलियों से लाइव पेंटिंग प्रस्तुति ने मोहा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी : काशी की कला और भारतीय पर्यावरणीय दर्शन की छाप जर्मनी की राजधानी बर्लिन तक पहुंची। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के दृश्य कला संकाय के चित्रकला विभाग की वरिष्ठ आचार्य प्रो. उत्तमा दीक्षित ने बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास के टैगोर सेंटर में अपनी एकल प्रदर्शनी और लाइव पेंटिंग प्रस्तुति से कला प्रेमियों को आकर्षित किया। उनकी ‘द फारेस्ट सीरीज’ की लगभग 35 कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं।
कार्यक्रम में जर्मनी में भारत के राजदूत सहित राजनयिक, जर्मन विद्वान और प्रवासी भारतीय उपस्थित रहे। प्रो. दीक्षित ने कला, पर्यावरण और पारिस्थितिक स्थिरता के अंतर्संबंध पर व्याख्यान देते हुए भारतीय आदिवासी एवं स्वदेशी परंपराओं में निहित प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व के दर्शन को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारतीय पारंपरिक जीवनशैली में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्वपूर्ण सूत्र मौजूद हैं।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण पांच बाई चार फीट के कैनवास पर उनकी लाइव पेंटिंग प्रस्तुति रही। बर्लिन के पतझड़ के रंगों से प्रेरित होकर उन्होंने महज 30 मिनट में जंगल की जीवंत छवि उकेर दी। खास बात यह रही कि ब्रश की अनुपलब्धता के दौरान उन्होंने उंगलियों और हथेलियों से रंगों को आकार दिया। प्रस्तुति के बाद उपस्थित कला प्रेमियों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बीएचयू की कला, भारतीय सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय चेतना को प्रस्तुत किया।