वाराणसी, जेएनएन। ख्यात खगोलविद, पद्म विभूषण प्रो. जयंत विष्णु नर्लिकर एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश समेत आठ पुरातन छात्रों को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय पुरातन छात्र समागम में विशिष्ट सम्मान से विभूषित किया गया। हालांकि राज्यसभा उपसभापति यह पुरस्कार लेने के लिए उपस्थित नहीं थे। कार्यक्रम में बीएचयू  को विश्व के शीर्ष विश्वविद्यालयों के समकक्ष बनाने की दिशा में पुरछात्रों का सहयोग और सुझाव मांगा गया।

17-18 जनवरी 2020 को आयोजित अंतरराष्ट्रीय पुरा छात्र समागम व 21वीं सदी के भारत में उच्च शिक्षा और महामना की दृष्टि विषयक संगोष्ठी में दुनिया भर से तकरीबन 1500 पुरा छात्र शिरकत कर रहे हैं।

उद्घाटन समारोह में नीति आयोग, भारत सरकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अमिताभ कांत व चांसलर गिरिधर मालवीय किन्ही कारणवश शामिल नहीं हो सके। कार्यक्रम में अपने क्षेत्र में बुलंदियों को छूने वाले विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र ख्यात खगोलविद एवं पद्म विभूषण जयंत विष्णु नर्लिकर, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश, पद्मश्री डॉ सोमा घोष, डॉ संगीता शंकर, अनिरुद्ध मिश्रा, प्रो संदीप वर्मा, डॉ अरविंद गुप्ता व डॉ ओमकार राय को विशिष्ट पुरातन छात्र समागम सम्मान से विभूषित किया। दो दिवसीय समागम में उद्घाटन एवं समापन के अलावा कुल सात सत्र होंगे।

कार्यक्रम के अन्य सत्रों में विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र भारतीय प्रशासनिक सेवा से डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अमरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. रजनीश दुबे, भारतीय जनसंचार संस्थान के प्रो. आनंद प्रधान, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमा शंकर दुबे, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह, राजीव गाँधी विश्वविद्यालय, अरूणाचल प्रदेश के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा, दक्षिणी बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचसीएस राठौर, डॉ. ऋचा चोपड़ा, प्रो. राजेश सिंह, प्रो. बीके त्रिपाठी, यूजीसी से डॉ. अर्चना ठाकुर, आरबीआई के सौरभ प्रताप सिंह आदि शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि एवं वक्ता हिन्दुस्तान समाचार पत्र के संपादक शशि शेखर थे। अध्यक्षता कुलपति प्रो राकेश भटनागर, स्वागत रेक्टर प्रो वीके शुक्ला व संचालन डॉ धीरेंद्र राय ने किया।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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