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अमेरिकी टैरिफ के टेंशन से उबरा भदोही का कारपेट कारोबार, दो गुना हो गया व्‍यापार

By Jitendra Upadhyay Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 07 Oct 2026 07:38 PM (IST)

भदोही में 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो का सफल समापन हुआ, जिसमें 500 करोड़ रुपये का व्यापार सृजित हुआ। वैश्विक चुनौतियों ...और पढ़ें

भदोही कारपेट एक्सपो में 500 करोड़ का रिकॉर्ड व्यापार, अमेरिकी टैरिफ का असर खत्म।

भदोही कारपेट एक्सपो में 500 करोड़ का रिकॉर्ड व्यापार, अमेरिकी टैरिफ का असर खत्म।

HighLights

  1. 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में 500 करोड़ का व्यापार सृजित।

  2. 65 देशों के 213 आयातकों ने मेले में की भागीदारी दर्ज।

  3. अमेरिकी टैरिफ तनाव से उबरकर व्यापार में हुई वृद्धि।

जागरण संवाददाता, भदोही। कारपेट एक्सपो मार्ट में चार अक्टूबर से शुरू हुए चार दिवसीय 50वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले इंडिया कारपेट एक्सपो का गुरुवार को समापन हो गया। अंतिम दिन निर्यातकों ने व्यापार का फीड बैक दिया तो कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के पदाधिकारी गदगद हो गए। वैश्विक हालात और व्यापारिक उथल पुथल के बीच चार दिन में 500 करोड़ के व्यापार का सृजन हुआ।

मेले में 65 देशों के 213 आयातक और 231 आयातक प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कालीन उत्पादों की जांच परख की। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के अनुसार व्यवसायिक दृष्टि से मेला काफी सफल रहा। प्रशासनिक समिति के सदस्यों के साथ परिषद के चेयरमैन कैप्टन मुकेश गोम्बर ने शाम चार बजे प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि चार दिनी मेले के दौरान आयातकों की भागीदारी उत्साहजनक रही। और 500 करोड़ के व्यवसाय का जन हुआ है।

उन्होंने बताया कि मेले में भाग लेने वाले अधिकतर ग्राहक खरीदारी को लेकर गंभीर थे। अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इटली सहित ब्रिक्स देशों के आयातकों की अच्छी भागीदारी का कालीन उद्योग को लाभ मिलना तय है। परिषद के वाइस चेयरमैन असलम महबूब ने बताया कि वैश्विक और व्यापारिक उथल पुथल के बावजूद कालीन मेला सफल रहा।

पिछले साल की अपेक्षा निर्यातकों की संख्या में 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई। लगभग सभी स्टालों पर आयातकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। जर्मनी, बेल्जियम, ब्राजील, बुल्गारिया, कनाडा, इजिप्ट, फ्रांस, इटली, जापान, कजाकिस्तान, स्विट्जर्लैंड, ताइवान, ईरान, रूस, यूएई जैसे देशों के आयातकों ने भागीदारी की।

कालीन मेले में लगी थी 223 स्टाल
देश भर के 223 निर्यातकों ने मेले में अपने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। भदोही, मीरजापुर, वाराणसी सहित कश्मीर, आगरा, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर, बीकानेर, पाननीपत, ग्वालियर आदि शहरों के निर्यातकों ने उत्पादों का प्रदर्शन किया। हालांकि भदोही-मीरजापुर की भागीदारी 80 प्रतिशत रही। आयोजक सीईपीसी का कहना है कि वर्तमान मंदी में भारत कालीन एक्सपो में दुनिया भर से 213 विदेशी खरीदारों की उपस्थिति ने भारत कालीन एक्सपो की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग को स्थापित किया है।

ब्रिक्स देशों में बाजार विकसित करने की संभावना
सीईपीसी के चेयरमैन कैप्टन मुकेश गोम्बर ने कहा कि परिषद अब भारतीय कालीन उद्योग के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की खोज पर विशेष ध्यान दे रही है। विशेषकर ब्रिक्स देशों में बाजार विकसित करने की अधिक संभावना है। विदेशों में अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के आयोजन की योजना है। ताकि उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक अवसर उपलब्ध हो सके।

बताया कि इस बार मेले में नए उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी देखी गई, जो उद्योग में नई ऊर्जा और नवाचार का प्रतीक है। उन्होंने चार दिन के आयोजन के दौरान सहयोग करने वाले जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला प्रशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था में लगे सभी अधिकारियों और कर्मियों का धन्यवाद व्यक्त किया।

बीते वर्ष 200 करोड़ का हुआ था व्यवसाय सृजन
अमेरिका के टैरिफ टेंशन के कारण बीते वर्ष 11 अक्टूबर से भदोही में आयोजित 49वां इंडिया कारपेट एक्सपो अपेक्षा पर खरा नहीं उतर सका था। उस दौरान भले ही 215 आयातकों की भागीदारी दर्ज कराई थी लेकिन सीईपीसी महज 200 से 240 करोड के व्यवसाय सृजन का दावा किया था। पिछले आयोजन में महज 140 निर्यातकों ने स्टाल लगाई थी जबकि इस बार 223 निर्यातकों ने भागीदारी की।