वाराणसी, जागरण संवाददाता। देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को न्योछावर कर देने वाले अमर शहीदों की स्मृतियां सहेजी जाएंगे। चोलापुर स्थित शहीद स्मारक की साज-संवार के साथ ही पांचों बलिदानियों की मूर्तियां लगाई जाएंगी। बलिदान दिवस पर बुधवार को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए इस पुण्य स्थली पर रेला उमड़ा। गार्ड आफ आनर के साथ ही उनके स्वजन को सम्मानित किया गया।

इस दौरान आयुष, खाद्य व औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. दयाशंकर मिश्र दयालु ने अपने निधि से शहीद स्थल के सुंदरीकरण का वादा किया। कहा कि जिस तरीके से गाजीपुर के सबसे अधिक जवान देश के लिए बलिदान दिए हैं, उसी तरह जिले का इकलौता शहीद स्थल चोलापुर है। यहां के पांच लोगों ने अपने प्राण को देश की आजादी के लिए न्योछावर कर दिया। इन बलिदानियों के स्वजन की खुशी के लिए सदैव तैयार रहूंगा। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी जाति-धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्र धर्म का ख्याल करें। कहा कि भारत की पहचान वर्तमान में काफी ताकतवर देशों के रूप में होती है। लड़ाई रूस-यूक्रेन में होती है, लेकिन दुनिया समझौता के लिए भारत की तरफ देखता है।

एमएलसी विनीत सिंह ने निजी खर्च से शहीद स्थल पर शहीदों की मूर्ति लगवाने का वादा किया। कार्यक्रम में शहीद रामनरेश उपाध्याय उर्फ विद्यार्थी, श्रीराम बच्चू, निरहू राजभर, चौथी राजभर, पंचम राजभर के परिजन मुन्ना राजभर, दिनेश उपाध्याय, श्याम बिहारी, बजरंगी, विजय बहादुर को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजक सतीश चौबे, अजगरा विधायक टीराम, विधायक सुशील सिंह, बजरंग सिंह, दिलीप चौबे, कौशल मिश्रा, राजेश सिंह, राणा चौहान सहित बड़ी संख्या में लोग रहे।

आजादी के दीवानों पर 17 अगस्त 142 को बरसाई थीं गोलियां

स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थन में 17 अगस्त सन् 1942 को सेनानी वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में नाग पंचमी के दिन आयर स्थित कुश्ती अखाड़े से सैकड़ों लोग चोलापुर थाने पर तिरंगा झंडा फहराने के लिए निकल पड़े। रास्ते में सुलेमानपुर, भैठोली, शिवरामपुर, रामगांव, गोसाईपुर समेत विभिन्न गांवों से बड़ी तादाद में लोग जुड़ते गए। तिरंगा फहराने के जुनून में आगे बढ़ रही जुलूस को रोकने के लिए थानेदार ने सिपाहियों के साथ निहत्थी जनता पर गोली बरसानी शुरू कर दी। इसमें चोलापुर जूनियर हाई स्कूल के आठवीं के छात्र श्री रामनरेश उपाध्याय उर्फ विद्यार्थी निवासी आयर, पंचम निवासी बेनीपुर आयर, श्रीराम उर्फ़ बच्चु निवासी शिवरामपुर, चौथी निवासी शिवरामपुर, निरहू निवासी सुलेमापुर बलिदान हो गए।

Edited By: Saurabh Chakravarty