वाराणसी, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के बीच जनपद के कालाजार प्रभावित गांव हरपालपुर व अर्जुनपुर गांव में दवा के छिड़काव के लिए स्वास्थ्य महकमे ने तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। 22 मई से सेवापुरी ब्लाक स्थित अर्जुनपुर गांव व 25 मई से काशी विद्यापीठ ब्लाक स्थित हरपालपुर गांव में दवा छिड़काव का काम शुरू होगा।

जिला मलेरिया अधिकारी डा. एसपी पांडेय ने बताया कि चिह्नित गांव में छिड़काव व निरोधात्मक कार्य लगातार किए जाएंगे। कालाजार की वाहक बालू मक्खी को मारने व कालाजार के प्रसार को रोकने के लिए प्रतिवर्ष दो चरणों में इंडोर रेसीडूअल स्प्रे किया जाता है। बालू मक्खी जमीन से छह फीट उंचाई तक ही उड़ सकती है। इसलिए अल्फा साइपरमेथ्रीन कीटनाशक का छिड़काव घर के अंदर व बाहर छह फीट तक ही होता है। डा. पांडेय के मुताबिक लगातार किए जा रहे प्रयासों का नतीजा है कि कालाजार रोग जिले में सीमित हो चुका है।

यह है कालाजार

कालाजार बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। ये मक्खी नमी वाले स्थानों पर अंधेरे में पाई जाती है, जो तीन-चार फीट की ऊंचाई तक ही उड़ पाती है। इसके काटने के बाद मरीज बीमार हो जाता है। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में कालाजार की निश्शुल्क जांच व उपचार किया जा रहा है।

      लक्षण :

  • रुक-रुक कर 15 दिनों से अधिक समय से बुखार आना।
  • तिल्ली व लिवर का बढऩा।
  • शरीर का वजन घटना व क्रमश: कमजोर होना।
  • पेट का आकार बढऩा तथा बायें तरफ भारीपन महसूस होना।
  • तेज बुखार के कारण शरीर का रंग काला पड़ जाना।

     रोकथाम :

  •  घर साफ रखें। दीवार व आस-पास के कोनों की नियमित और पूरी सफाई करें।
  •  घर में सूर्य का प्रकाश आने दें।
  •  बालू मक्खी को नष्ट करने के लिए डीडीटी का छिड़काव जमीन से मात्र छह फीट की उंचाई तक करें व तीन महीने तक घरों में किसी प्रकार की सफेदी अथवा रंगाई-पुताई न कराएं।
  •  कमरे की जमीन से दीवार की कुछ उंचाई तक पक्की दीवार की चुनाई कराएं।

 

Posted By: Saurabh Chakravarty

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