जागरण संवाददाता, वाराणसी। कोरोना महामारी का सर्वाधिक प्रभाव पठन-पाठन पर पड़ा है। एक से पांच के विद्यालय पहली सितंबर से खुले हैं। वहीं कक्षा-छह, सात व आठ की कक्षाएं 24 अगस्त से चल रहीं हैं। जबकि नया शैक्षणिक सत्र पहली अप्रैल से ही शुरू हो गया था। इसे देखते हुए शासन ने कक्षा एक से लेकर आठ तक के बच्चों की परीक्षाओं पर रोक लगा दिया है। जूनियर हाईस्कूल स्तर के विद्यालय आनलाइन या आफलाइन किसी भी मोड परीक्षा नहीं करा सकते हैं।

इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने हिंदी व अंग्रेजी माध्यम से जनपद के सभी विद्यालयों को कक्षा आठ तक के बच्चों की परीक्षाएं न कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने कक्षा आठ तक के बच्चों की परीक्षाएं कराई तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। कहा कि बच्चों पर मानसिक रूप से बोझ देने से बचने के लिए परीक्षाओं पर रोक लगाई गई है। कोरोना काल पठन-पाठन काफी प्रभावित रहा। हालांकि बच्चों के हित में शिक्षकों ने आनलाइन कक्षाएं चलाई। वहीं किन्हीं कारणवश तमाम बच्चे आनलाइन क्लास से बाहर रहे। ऐसे में स्कूल खुलने के बाद विद्यालयों को मुख्य रूप से बच्चों को पठन-पाठन की मुख्यधारा में जोडऩे का निर्देश दिया गया है।

अब पहली अक्टूबर तक डाक्यूमेंट अपलोड करने का मौका

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के स्नातक व डिप्लोमा स्तर में दाखिले के लिए आनलाइन काउंसिलिंग की प्रकिया जारी है। चयनित अभ्यर्थियों को 25 सितंबर तक शैक्षिक व अन्य अभिलेख वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था। वहीं सैकड़ों अभ्यर्थी किन्हीं कारणवश अब तक डाक्यूमेंट अपलोड नहीं कर सके हैं। इसे देखते हुए विद्यापीठ प्रशासन ने ऐसे अभ्यर्थियों को पहली अक्टूबर तक मौका दे दिया है। इन पाठ्यक्रमों के अभ्यर्थियों को मिली राहत बीए, बीकाम, बीम्यूज, बीएफए, बीएससी (बायो व गणित), बीएससी (टेक्सटाइल्स एंड हैंडलूम), बीए-आनर्स (मास कम्युनिकेशन), बीए-एलएलबी, बीएससी (आनर्स)-कृषि, दो वर्षीय कन्नड़ पाठ्यक्रम, डिप्लोमा इन कर्मकांड, डिप्लोमा इन ड्रामा, डिप्लोमा इन वोकल म्यूजिक व सर्टिफिकेट इन योगा।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty