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वाराणसी के सीवर में बालू से भरी बोरियां डालने वालों की तलाश, अख‍िलेश यादव ने उठाया सवाल

By Rakesh Srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 14 Sep 2026 01:57 PM (IST)

वाराणसी के सीवर में बालू से भरी बोरियां मिलने के मामले में भेलूपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है ...और पढ़ें

HighLights

  1. वाराणसी सीवर में बालू से भरी बोरियां मिलीं, जांच शुरू।

  2. भेलूपुर पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही, अज्ञात पर केस।

  3. अखिलेश यादव ने घटना पर सरकार से सवाल पूछे।

जागरण संवाददाता, वाराणसी: नगर निगम के सीवर में बालू से भरी बोरियां डालकर पानी के बहाव को रोकने के प्रयास के मामले में भेलूपुर पुलिस ने जांच आरंभ कर दी है। गुनहगारों की पहचान के लिए सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन असली आरोपितों तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं है। कमांड सेंटर के कैमरों में फुटेज 90 दिन तक सुरक्षित रहता है, जबकि निजी कैमरों में यह अवधि 15 से 30 दिन होती है। पुलिस को यह भी स्पष्ट नहीं है कि किसने और कब बालू से भरी बोरियां सीवर में डालीं।

एसीपी भेलूपुर, गौरव कुमार ने बताया कि नगर निगम के जलकल विभाग के एक्सईएन सुधीर वर्मा की तहरीर पर शनिवार रात बीएनएस की धारा 326 (c) के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

भेलूपुर जोन-दो के शिवाला वार्ड संख्या-75 में रत्नाकर पार्क के पास जलभराव की समस्या के समाधान के लिए मुख्य सीवर लाइन की सफाई के दौरान बालू से भरी बोरियां मिलीं, जिसके बाद एक्सईएन ने तहरीर दी। भारतीय न्याय संहिता की धारा 326 (c) संपत्ति या सार्वजनिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने से संबंधित है, जिसमें जल निकासी या बाढ़ रोकने वाले साधनों में रुकावट डालने का अपराध शामिल है। इस अपराध में पांच साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

अख‍िलेश यादव ने खड़े किए सवाल

सपा प्रमुख अखि‍लेश यादव ने एक्‍स हैंडल पर बोरी न‍िकालने का वीड‍ियो डालते हुए ल‍िखा है - दिल्ली के ख़िलाफ़ लड़ाई में बनाया बनारस के मेयर ने लखनऊ के संग पेयर। भाजपाइयों का एक घिसापिटा फ़ार्मूला है : ख़ुद गलत काम करो, दूसरे को बदनाम करो। अब तो सुरंगजीवियों की सियायत सीवर तक उतर गई है और कितना नीचे जाएगी।