आजमगढ़, जेएनएन। बिलरियागंज की घटना पर सियासत अब तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने पहले दिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर सरकार को घेरा तो अब कांग्रेस ने सपा मुखिया अखिलेश सिंह यादव के खिलाफ पोस्टर वार शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की आेर से शहर में पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें कांग्रेस ने सवाल किया है कि सीएए और एनआरसी विरोधी प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम महिलाओें पर पुलिसिया बर्बरता पर अखिलेश यादव क्यों चुप हैं।

अखिलेश यादव 2019 के चुनावों के बाद से आजमगढ़ से लापता हैं। पोस्टर पर अखिलेश यादव की फोटो लगाई गई है आैर फोटो के मुंह पर पट्टी लगाई गई है। कांग्रेस के पोस्टर वार को सियासी नजरिए से देखा जा रहा है, क्योंकि सपा मुसलमानों की हमेशा हितैषी होने का दावा करती रही है। वर्ष 2014 के चुनाव के बाद जब मुलायम सिंह चुनाव जीतने के बाद आजमगढ़ नहीं आए तो भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता सुफियान खान ने सगड़ी क्षेत्र में पोस्टर लगाया था।

वहीं शनिवार को दिन भर सोशल मीडिया में अखिलेश के खिलाफ कांग्रेस की ओर से लगाया गया यह पोस्‍टर काफी चर्चा में रहा। लोगों ने इस बात के लिए भी खिंचाई किया कि कांग्रेस और सपा विधान सभा चुनाव साथ में लड़ा था मगर अब स्थिति यह हो गई कि दोनों पार्टियां ही नहीं बल्कि कार्यकर्ता भी आमने सामने हो गए हैं।

सपा मुखिया के निर्देश पर बिलरियागंज पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

कस्बे के जौहर अली पार्क में सीएए के विरोध में चलने वाले धरना-प्रदर्शन के दूसरे दिन पांच फरवरी को तड़के पथराव और लाठीचार्ज के बाद सियासत तेज हो गई है। पूरे मामले की जांच करने के लिए सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को बिलिरियागंज पहुंचा। घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट तैयार करने के लिए महिलाओं और पुरुषों से एक-एक पहलू की जानकारी ली। उसके बाद पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा ने कहा सरकार के इशारे पर पुलिस दमनात्मक रास्ता अख्तियार कर रही है जिसे समाजवादी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। समाजवादी पार्टी आपके साथ सदैव खड़ी रहेगी। प्रतिनिधिमंडल में विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, संग्राम यादव, नफीस अहमद, सुभाष राय, रामजतन राजभर आदि थे। 

Posted By: Abhishek Sharma

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