जागरण संवाददाता, चंदौली। उन्नत खेती को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने प्रदेश के सभी ब्लाकों में एग्री जंक्शन (प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना) की शुरूआत की है। इसके लिए कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं को खाद-बीज व कृषि रसायनों की बिक्री का लाइसेंस दिया जाएगा। दुकान खोलने के लिए चार लाख तक ऋण दिलाया जाएगा। सरकार एक साल तक दुकान के किराए का भी वहन करेगी।

वैश्विक महामारी के दौर में कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने योजना शुरू की है। इसके तहत प्रदेश में एक हजार युवाओं का चयन किया जाना है। हर जिले में कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं को मौका देने की योजना है। योजना का लाभ लेने के लिए कृषि, उद्यान अथवा डेयरी में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। यदि कोई स्नातक डिग्रीधारी नहीं मिला तो कृषि विषय से इंटर अथवा डिप्लोमा पास युवाओं को भी चयन में वरीयता दी जाएगी। प्रत्येक विकास खंड से कम से कम एक युवा के चयन का लक्ष्य रखा गया है। इच्छुुक युवाओं को आवेदन पत्र भरकर उपनिदेशक कृषि अथवा बैंक अधिकारी के यहां जमा कराना होगा। उनके स्तर से चयन किया जाएगा।

चाल लाख की मदद व 12 दिन का प्रशिक्षण

कृषि उपनिदेशक विजेंद्र कुुमार ने बताया कि खाद-बीज की दुकानों की कमी नहीं है लेकिन सामान्य दुकानदार किसानों को जागरूक नहीं कर पाते हैं। ऐसे में सरकार की मंशा है कि कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं को यदि लाइसेंस दिया जाएगा तो उन्हें रोजगार मिलेगा। वहीं किसानों को उन्नत खेती के टिप्स भी देंगे। चयनित अभ्यर्थियों को दुकान खोलने के लिए चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। इसमें साढ़े तीन लाख बैंक देगा। वहीं 50 हजार अभ्यर्थियों को खुद लगाना होगा। ऋण पर लगने वाले ब्याज पर सरकार 42 हजार तक अनुदान देगी। साथ ही दुुकान का अधिकतम एक हजार प्रति माह के हिसाब से एक साल तक का किराया भी वहन करेगी।

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Edited By: Saurabh Chakravarty