काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में कार्बाइन से गोली चलने के बाद सामने आई इसकी बड़ी खामी, जांच रिपोर्ट का है इंतजार
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में पीएसी जवान की कार्बाइन गिरने से दुर्घटनावश गोली चल गई, जिससे तीन लोग छर्रों से ...और पढ़ें

काशी विश्वनाथ मंदिर में कार्बाइन से गोली चलने के बाद हथियार की खामियां सामने आईं।
HighLights
काशी विश्वनाथ परिसर में कार्बाइन से दुर्घटनावश गोली चली।
गोली लगने से तीन लोगों को मामूली चोटें आईं।
घटना के बाद कार्बाइन की खामियों की जांच होगी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में 48/सी वाहिनी पीएसी के जवान अमरनाथ चौहान की कार्बाइन के गिरने के बाद फायर होने से जो छर्रे निकले वह वहां मौजूद तीन लोगों क्रमश: रामबाबू गोड़, शकरकंद गली, विकास यादव निवासी डोमरी, निखिल गुप्ता निवासी राजघाट को चोटें आई हैं। इसमें विकास कों हाथ और कमर तो रामबाबू को पेट और हाथ तो वहीं निखिल को हाथ में मामूली चोट लगी है। सतर्कता बरतते हुए सभी को तत्काल मंडलीय अस्पताल भेजा गया जाह सभी खतरे से बाहर पाए जाने के बाद मामूली उपचार के बाद नाम पता नोट कर घर भेज दिया गया।
पूरी घटना ज्ञानवापी के पास नंदू फारिया प्वाइंट वीआइपी गेट संख्या चार के पास हुई। जहां पर ज्ञानवापी के पास तैनात पीएसी के जवान अमरनाथ चौहान के हाथ से अकस्मात कार्बाइन छूटकर गिरने की बात सामने आई है। बताया गया कि सिपाही सामने सड़क पर ही खड़ा था कि अचानक छूटते ही जमीन के संपर्क में आकर गोली चल गई। इस दौरान काफी देर तक मौके पर अफरा तफरी की स्थिति बनी रही।
जमीन पर लगी गोली
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गोली नीचे सीधा जमीन की ओर फायर हो गई थी। जमीन पर गोली के निशान भी पाए गए हैं। जमीन पर गोली लगने से जो हिस्सा या टुकड़ा निकला वह माला-फूल की कैलाशपति नाम की दुकान पर कार्यरत रामबाबू गोड़, विकास यादव, निखिल गुप्ता को जा गया। जिससे मामूली जख्म हुआ तो सुरक्षा कारणों से अस्पताल ले जाया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार नाल का हिस्सा किसी की ओर होता तो जान जाने की भी संभावना पूरी थी।
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पीएसी की कार्बाइन क्या है
पीएसी के जवानों को सुरक्षा और गश्त के लिए मुख्य रूप से 9एमएम कार्बाइन (जैसे 9mm सबमशीन गन या SAF) दी जाती है। यह एक हल्का, स्वचालित और छोटे आकार का हथियार माना जाता है, जिसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों या संकरे स्थानों (वीआईपी ड्यूटी या मंदिर परिसर) में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।
कार्बाइन की विशेषता
पीएसी (PAC) और उत्तर प्रदेश पुलिस के शस्त्रागार में 9एमएम कार्बाइन (विशेष रूप से 9mm स्टर्लिंग सब-मशीन गन) का उपयोग मुख्य रूप से वीआईपी सुरक्षा, दंगा नियंत्रण और करीबी मुकाबले जैसे सुरक्षा कार्यों के लिए किया जाता है। यह उपकरण अपने भार और बनावट के कारण सुरक्षा बलों के लिए त्वरित कार्रवाई में सहायक मानी जानेे की वजह से अधिक प्रयोग की जाती है। इसकी मानक प्रभावी रेंज लगभग 100 मीटर और वजन लगभग 2.5 से 3 किलोग्राम के बीच होता है, जिससे इसे संचालित करना सुविधाजनक रहता है।
कार्बाइन की खामियां
आनलाइन मौजूद सूचनाओं के अनुसार इस हथियार की कुछ कमजोरियां भी हैं। जिसमें हैण्ड चैम्चरिंग, हैंग फायर और अर्ली इग्निशन माना गया है। इस लिहाज से यह हथियार एक चुनौती भी है, लिहाजा इसे संभालना भी एक बड़ी चुनौती है। इस लिहाज से हादसे के दौरान कुछ खामियां भी उजागर हुई हैं जो अब जांच के केंद्र में होंगी। अब वाराणसी पुलिस को भी पीएसी के अधिकारियों की ओर से दी जाने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
