वाराणसी, जेएनएन। नोटबंदी के दौरान जिन लोगों ने बेतहासा राशि जमा की थी उनकी कुंडली तैयार कर ली गई है। ओटीएम (आपरेशन क्लीन मनी) के तहत हुई जांच में पाया गया कि करीब एक हजार लोगों ने बहुत अधिक राशि जमा किए। सभी से इस आय का ब्योरा मांगा गया, लेकिन अनदेखी कर दी गई। अब सैकड़ों लोगों के बैंक खाते अटैच कर वसूली का नोटिस जारी किया गया है।

जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-17 में भारी-भरकम राशि जमा की थी, उनको मार्च 2018 तक रिटर्न दाखिल करना था। बावजूद ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद 142 (1) के तहत नोटिस जारी कर असेसमेंट व धड़पकड़ शुरू कर दिया गया। इसमें से सैकड़ों लोगों ने जमा राशि का ब्योरा दे दिया। जिन्होंने कोई रिप्लाइ नहीं दी उनकी जमा राशि को मुख्य आय मानकर 82 प्रतिशत कर व ब्याज गणना कर दी गई। इसमें से करीब आधे लोग अपील में चले गए। ऐसे लोग निर्धारित राशि में से 20 प्रतिशत राशि जमा कर सुनवाई होने तक राहत पा सकते हैं। इस संबंध में प्रधान आयकर आयुक्त सुनील माथुर ने बताया कि ब्योरा नहीं देने वालों से कर वसूलने के लिए उनके खाते अटैच किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से कई बार मौके दिए गए लेकिन सैकड़ों लोगों ने उचित जवाब नहीं दिया। 

Posted By: Saurabh Chakravarty

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