आजमगढ़, जेएनएन। नगर के तीन स्थानों पर कांशीराम शहरी आवास योजना के अंतर्गत बने आवासों में अवैध रूप से रहने वालों पर प्रशासन का शिकंजा कसने वाला है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन से ऐसे लोगों को हटाने के लिए चार सदस्यीय टीम गठित है। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की तरफ से प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जिन आवंटियों ने अपना आवास किराए पर दिया है, उन्हें अंतिम नोटिस जारी जाएगी। जो लोग बिना आवंटन अवैध रूप से रहे हैं, उन्हें तत्काल बेदखल किया जाएगा।

गरीबों को मुफ्त में आवास मुहैया कराने के लिए नगर के चकगोरया, जाफरपुर व पुरानी जेल के पीछे कुल 1500 कांशीराम शहरी गरीब आवास बने हैं। इसमें चकगोरया के 260 में 176 आवंटित, जाफरपुर के 492 में 488 आवंटित और पुरानी जेल के पीछे कालोनी में कुल बने 696 आवंटित किए गए हैं। वर्ष 2011 में आवंटित आवास में फर्जी आवंटन के साथ आवंटन के बाद दूसरे को बेच देने आदि की शिकायत मिलती रही है। इस बीच प्रशासन द्वारा कई बार भौतिक सत्यापन के बाद कुछ आवासों को खाली कराया गया लेकिन समय बीतने के बाद रसूक के बल पर पुन: कब्जा कर लिया गया। जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कांशीराम आवासीय कालोनी में अवैध रूप से रह रहे लोगों की शिकायत को पांच दिन पहले गंभीरता से लिया था। शासी निकाय की बैठक में एडीएम प्रशासन को निर्देशित किया था कि कितने लोग बिना आवंटन के रह रहे हैं और कितने लोग किराए पर रह रहे हैं। इसकी जांच कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।

टीम में ये अधिकारी शामिल : कांशीराम शहरी आवास में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए गठित टीम में उप जिलाधिकारी सदर, सीओ सिटी, पीओ डूडा और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को नामित किया गया है।

एडीएम प्रशासन : जिलाधिकारी के निर्देश पर कांशीराम आवास में अवैध रूप से रह रहे लोगों को चिह्नित करने और उन्हें बेदखल करने के लिए प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। बारिश का मौसम समाप्त हो जाने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। -नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन, आजमगढ़।

Edited By: Abhishek Sharma