यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आजमगढ़ में एसआइसी समेत एक दर्जन को स्वच्छता सम्राट का मिला प्रशस्तिपत्र, कूड़ा फेंकने पर कूड़ा प्रेमी का तमगा
आजमगढ़ जिले में स्वच्छता पर विशेष कार्य करने की वजह से एसआइसी समेत एक दर्जन को स्वच्छता सम्राट का प्रशासन ...और पढ़ें

आजमगढ़, जागरण संवाददाता। वर्ष 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले को नंबर वन पर पहुंचाने की कोशिश नित नए कदम बढ़ाती जा रही है। रविवार अवकाश के दिन जिलाधिकारी मार्निंग वाक पर निकले तो शहर में तैयारियों के कई रंग नजर आए। दिनचर्या में लगे कुछ लोग सर्वेक्षण को संजीवनी देते नजर आए तो बहुतेरे पलीता लगाते। जिलाधिकारी सख्ती करने के बजाए दोनों ही तरह के लोगों को प्रशस्तिपत्र दे डाले। मसलन, स्वच्छता सर्वेक्षण को संजीवनी देने वालों को सफाई सम्राट तो गंदी फैलाने वालों को कूड़ा प्रेमी का प्रशस्तिपत्र दिया गया।
जनपद स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में अभी तक पिसड्डी साबित होता चला आ रहा है। जिलाधिकारी इस दाग को अबकी धो डालने के लिए जी-जान से जुटे हैं। रविवार को अवकाश के दिन टहलने निकले तो शहर का रुख कर लिए। मंडलीय अस्पताल में प्रवेश किए तो सफाई व्यवस्था उन्हें रास आ गई। मरीजों ने भी सफाई की तरफदारी की तो सीएमएस को स्वच्छता सम्राट का प्रशस्तिपत्र दिए। वहां से निकले तो मुन्ना जायसवाल, निशित मिश्रा और मायादेवी स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान को संजीवनी देती नजर आई।
माया देवी किराने की छोटी सी दुकान चलाती हैं, लेकिन उनके प्रतिष्ठान के बाहर गीला और सूखा कूड़ा इकट्ठा करने के लिए अलग-अलग डस्टविन रखा नजर आया। डीएम से उन्होंने कहा कि मैं तो पहले से ही सफाई को तवज्जो देती चली आ रही हूं। रास्ते में राजीव गुप्ता, कन्हैया, रूपाली साड़ी सेंटर, रेडचिप शो-रूम, साहू आयुर्वेदिक इत्यादि प्रतिष्ठान मिले जिनके बाहर गंदगी पड़ी थी। इन्हें कूड़ा प्रेमी का तमगा दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल बने इसकी चिंता सबको करनी होगी। बदलाव शहर में दिखने भी लगा है, वह दिन दूर नहीं जब शहर ही नहीं समूचा जनपद स्वच्छता सम्राट बनने को बेताब होगा। डीएम के साथ सीएमओ डा. आइन एन तिवारी, एसडीएम रवि कुमार इत्यादि मौजूद रहे।