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वाराणसी में नीले और केसरिया झंडे वालों के बीच बवाल, पथराव में एसीपी घायल, गांव बना पुल‍िस छावनी

By mahesh mishraEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 17 Apr 2026 06:59 PM (IST)

वाराणसी के चोलापुर में झंडा लगाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आंबेडकर जयंती पर आंबेडकर का झंडा लगाने के बाद तनाव बढ़ गया।

HighLights

  1. चोलापुर में झंडा लगाने को लेकर हिंसक विवाद।

  2. पथराव में एसीपी सारनाथ समेत तीन पुलिसकर्मी घायल।

  3. गांव में भारी पुलिस बल तैनात, कई लोग हिरासत में।

जागरण संवाददाता, (चोलापुर) वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईपुर पुलिस चौकी अंतर्गत नेहिया गांव में बाबा बटुक भैरवनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार पर झंडा लगाने को लेकर विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब आंबेडकर जयंती के अवसर पर दलित समाज के लोगों ने रामनवमी पर लगाए गए भगवा झंडे को उतारकर डॉ. भीमराव आंबेडकर का झंडा लगाया। आरोप है कि रात में कुछ अराजक तत्वों ने इस झंडे को उखाड़कर फेंकने का प्रयास किया और उसे जलाने की कोशिश भी की।

गुरुवार को इस घटना के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष सड़क पर उतर आए और मोहाव-बाबतपुर मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। पुलिस-प्रशासन ने घंटों की मेहनत के बाद जाम को समाप्त कराया। प्रशासन ने दोनों पक्षों की सहमति से मंदिर के गेट पर पुनः रामनवमी का भगवा झंडा लगवाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

force

हालांकि, शुक्रवार को स्थिति फिर से बिगड़ गई। बताया जाता है कि बाहरी तत्वों के गांव में पहुंचने के बाद विवाद ने और तूल पकड़ लिया। भीम आर्मी और हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े लोगों के बीच आमने-सामने आने से तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। इस पथराव में एसीपी सारनाथ विदुषी सक्सेना के सिर में चोट आई, जबकि एक दरोगा समेत दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने आधा दर्जन थानों की फोर्स के साथ पीएसी की तैनाती कर दी और पूरे गांव में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, डीआईजी शिवहरी मीणा, एडीसीपी लिपि नागयाच सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक अमला भी सक्रिय रहा और एसडीएम व तहसीलदार स्तर के अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे।

डीसीपी बरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों ने पथराव किया है, जिसमें हमारे एसीपी समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो के माध्यम से अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है और आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना ने गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। गांव में शांति बहाल करने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार सक्रिय है। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहें। प्रशासन का प्रयास है कि इस विवाद को सुलझाकर गांव में शांति स्थापित की जाए। सभी पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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