बलिया, रेवती : तीन दिन स्थिर रहने के बाद घाघरा के जलस्तर में धीरे-धीरे हो रही वृद्धि से स्थानीय ब्लाक के टीएस बंधा के तटवर्ती ग्रामीणों मे बंधे के आसन्न खतरे को लेकर दहशत बढ़ गई है। चादपुर मे घाघरा खतरे के लाल निशान 58 मी से 58,82 मी यानी 82 सेमी ऊपर बढ़ाव पर है। टीएस बंधा के डेंजर जोन तिलापुर में नदी का दबाव बना हुआ है। बरसात से पूर्व नदी के तली मे बने एप्रन के मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो पाया। जुलाई में जैसे ही कार्य प्रारंभ हुआ पानी बढ़ने के कारण एक सप्ताह बाद कार्य बंद हो गया। नदी की मुख्य धारा करंट बंधे की तरफ होने से तटवर्ती ग्रामीण बंधे की खुद निगरानी करने के साथ ही रात में पहरा दे रहे हैं। उधर बंधे के उत्तर फ्लड जोन बसे नवकागाव, धूपनाथ व बैजनाथ के डेरा में 60 से अधिक परिवार बाढ़ के पानी से घिर गए है जिससे उनका संपर्क बंधे से कट गया है। पूर्व प्रधान धूपनाथ यादव ने बताया कि पूरे एक सप्ताह से धूपनाथ व बैजनाथ के डेरा के पानी से घिरे हुए हैं। हम लोगो को दैनिक आवश्कता के लिए प्रतिदिन बंधे तक आने जाने के लिए छोटी डेगी की आवश्यकता है। तहसीलदार बैरिया से निवेदन के बाद भी डेगी की व्यवस्था नहीं हो पाई है । नवकागाव के प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुमार पासवान ने बताया कि नवकागाव घाघरा के मुहाने पर बसे परिवारों के लिए सिर्फ एक सरकारी नाव मिली है। दया यादव के घर से शिवाला के बीच तथा नवकागाव कुंड के पास एक एक सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है । इस संबंध मे तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा ने बताया कि वशिष्ठनगर के ग्राम प्रधान व हल्का लेखपाल को नाव की समुचित व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया गया है। बाढ के पानी घिरे लोगों के लिए जहां आवश्यकता होगी छोटी बड़ी नाव की व्यवस्था तत्काल की जाएगी।

Posted By: Jagran

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