विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मऊ में प्रार्थना की आड़ में मतांतरण की साजिश पर 50 गिरफ्तार, पांच सालों से चल रहा था खेल

By Saurabh ChakravartyEdited By:
Published: Sun, 10 Oct 2021 03:24 PM (IST)Updated: Sun, 10 Oct 2021 04:08 PM (IST)

मऊ शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ले में रोडवेज के पीछे एक घर में पिछले पांच वर्षों से प्रार्थना सभा ...और पढ़ें

मतांतरण की साजिश को रविवार को हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने बेनकाब कर दिया।
मतांतरण की साजिश को रविवार को हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने बेनकाब कर दिया।

जागरण संवाददाता, मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ले में रोडवेज के पीछे एक घर में पिछले पांच वर्षों से प्रार्थना सभा एवं चंगाई के नाम पर मतांतरण की साजिश को रविवार को हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने बेनकाब कर दिया। आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रार्थना सभा में शामिल पास्टर अब्राहम सहित मकान मालिक एवं लगभग 50 की संख्या में महिलाओं-पुरुषों को हिरासत में ले लिया। सभी को कोतवाली परिसर में लाकर पूछताछ की जा रही है।

सहादतपुरा स्थित विजेंद्र राजभर के मकान में पास्टर अब्राहम लगभग पांच-छह वर्ष से प्रार्थना सभा आयोजित कर रहे थे। उधर, आस-पास के हिंदू समुदाय के लोगों को यह प्रार्थना खटकती थी। धीरे-धीरे जब लोगों की संख्या यहां बढ़ने लगी तो बात हिंदू संगठनों तक जा पहुंची। हिंदू जागरण मंच के जिला प्रभारी भानु प्रताप सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों का आरोप था कि यहां लोगों की बीमारियां दूर करने के लिए सिर्फ प्रार्थना नहीं, बल्कि धर्मांतरण की साजिश रची जा रही थी। धीरे-धीरे विभिन्न गांवों एवं कस्बे से आए कम पढ़े-लिखे लोगों काे मानसिक रूप से भ्रमित कर एक ईसाई मिशनरी से जुड़े लोग ईसाई धर्म में आस्था एवं विश्वास रखने के लिए प्रेरित करते थे। सीओ धनंजय मिश्र ने बताया कि धर्म परिवर्तन कराने की सूचना पर मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। पकड़ में आए कुछ लोग ईसाई मिशनरी से संबंधित हैं, जबकि शेष तमाशाई हैं। धर्मांतरण की बात प्रमाणित हुई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। उधर, पास्टर अब्राहम का कहना था कि वहां किसी को जबरन नहीं बुलाया जाता था। लोग स्वत: आते थे एवं उनकी बीमारी दूर करने के लिए प्रार्थना की जाती थी। समाचार लिखे जाने तक शहर कोतवाली में पूछताछ की जा रही थी।