जागरण संवाददाता, मऊ। प्रदेश में माफिया विधायक मुख्तार अंसारी गिरोह पर धड़ाधड़ कार्रवाई का दौर जारी है। इसमें मऊ जनपद में जहां मुख्तार अंसारी व सहयोगियों को अभी तक लगभग 50-60 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है तो अब प्रशासन ने गिरोह से जुड़े 42 व्यक्तियों के 45 शस्त्र लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए सत्यापन की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने यह कार्रवाई की है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद असलहा के लाइसेंसधारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उम्‍मीद है कि मुख्‍तार से जुड़े लोगों पर और भी कार्रवाई आगे होगी।  

माफिया मुख्तार अंसारी के आईएस-191 गैंग के सहयोगी व करीबी 42 व्यक्तियों के 45 लाइसेंसी शस्त्रों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद सभी शस्त्रों को थाने में जमा कराया जा रहा है। इसमें थाना दक्षिणटोला क्षेत्र के 33, नगर कोतवाली के नौ तथा थाना सरायलखंसी के तीन शस्त्र लाइसेंसों पर कार्रवाई हुई है। लाइसेंसी शस्त्र धारकों के शस्त्र एवं क्रय किए गए कारतूसों की जांच कराई गई थी। इसमें भिन्न-भिन्न तिथियों में लाइसेंस धारकों के द्वारा क्रय किए गए कारतूसों के प्रयोग के संबंध में सत्यापन किया गया। सत्यापन में निर्धारित प्रारूप में शस्त्र धारकों द्वारा अन्य सूचनाओं के साथ कारतूस के प्रयोग के संबंध में सूचनाएं अंकित की गई।

इसमें कारतूस के प्रयोग के संबंध में अंकित किया गया कि क्रय किए गए कारतूसो में से कुछ कारतूस टेस्ट फायर-हर्ष फायरिंग आदि में प्रयोग किए गए हैं। खोखा कारतूस जमा नहीं किया गया है। फायर करने के बाद वहीं छोड़ दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि पूरे जनपद में लाइसेंसी शस्त्रों का सत्यापन कराया गया था। इसमें मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े 42 व्यक्तियों के 45 शस्त्रों के कारतूस आदि की खरीद में नियमों का पालन नहीं किया गया। इसलिए इन शस्त्रों को निलंबित करते हुए थानों में जमा कराया जा रहा है।

Edited By: Abhishek Sharma