वाराणसी में 36 घंटे की बरसात से धुली किसानों की उम्मीदें, सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद
वाराणसी में चक्रवाती तूफान अर्णब के कारण 36 घंटे की लगातार बारिश से सैकड़ों हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद हो ...और पढ़ें

वाराणसी में 36 घंटे की बारिश ने धोई किसानों की उम्मीदें, धान की फसल बर्बाद।
HighLights
वाराणसी में 36 घंटे की लगातार बारिश से धान बर्बाद।
सैकड़ों हेक्टेयर फसल नष्ट, किसानों को भारी आर्थिक क्षति।
कृषि विभाग करेगा सर्वे, मुआवजे के लिए शिकायत दर्ज करें।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब का तूफानी वेग तो काशी ने नहीं झेला लेकिन इसकी वजह से पड़ने वाले प्रभाव से किसान टूट गए। 36 घंटे की लगातार वर्षा से सैकड़ों हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद हो गई। कटाई के बाद रखा धान का ढेर भीग गया। पानी लगे खेत में तमाम किसान पकी फसल को काटने में भी जुट गए।
किसानों की उम्मीद पानी में धुली और बेटी-बेटे की शादी से लेकर अन्य कार्य कराने का सपना जो उन्होंने देखा वह टूटता नजर आ रहा है। कई गांवों के किसानों की नजर अब सरकार की तरफ है। उधर कृषि विभाग ने नुकसान का सर्वे जल्द करने की बात कही है। बीमित किसान भी नुकसान के 72 घंटे के अंदर ही अपनी पूरी जानकारी टोल फ्री नंबर 14447 पर दें ताकि मुआवजा मिल सके।
आराजीलाइन के पयागपुर में महिला किसान जानकी पटेल बर्बाद फसल को देखकर रो पड़ीं। बड़ागांव के चिलबिला गांव के किसान रामजीत पटेल की 70 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई। इसी गांव के रामजीत पटेल ने तीन दिन कटाई की थी और दो बीघा बच गया था। पूरी फसल खराब हो गई। विनोद पटेल का चार बीघा धान बर्बाद हुआ। हरहुआ ब्लाक के औरा गांव के संजय कुमार की फसल भी बर्बाद हुई।
बड़ागांव के लखापुर निवासी राम नरेश पटेल का 10 बिस्वा धान खराब हो गया। औरा के रामऔतार यादव की फसल तेज हवा से बिछ गई। मुर्दहा गांव के रामसेवक यादव की फसल भी बिछी और जो काट कर रखे थे वह भीग गया। इसी गांव के अवनीश राजभर की ढाई बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई।
गांव में किसानों ने 60 से 70 प्रतिशत नुकसान का आंकलन स्वंय किया है। हरहुआ के चक्का में किसान मधुबन यादव की भी 70 प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ। हरहुआ के ही भटौली में राजनारायण पटेल का भी नुकसान हुआ। करोमा के भगत यादव ने धान की फसल काटकर रखी थी जो भीग गई। चिलबिला के रामजीत पटेल, विनोद पटेल जैसे तमाम किसानों का नुकसान हुआ।
बेमौसम बारिश से फसल बर्बाद
जासं, राजातालाब। बेमौसम बारिश का असर दिखा। खेत में खड़ी धान की फसल गिर गई। किसान कटी हुई फसल को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। मोहनसराय के किसान मुन्नालाल यादव ने बताया कि सारी फसल बर्बाद हो गई। किसान शिवराज तिवारी ने बताया कि बोआई भी प्रभावित हुई है।
खेतों में बिछी पकी फसल
जासं, चौबेपुर। खेतों में पकी धान की फसल गिर गई। कई जगह पानी भी भर गया। गरथौली निवासी किसान दुर्गेश चौबे ने बताया कि सात दिन कटाई करना था लेकिन सब कुछ बर्बाद हो गया। पिछले साल भी बेमौसम बारिश से नुकसान पहुंचा था। भरपाई तक सरकार नहीं कर रही है।
तेज हवा से भी नुकसान
जासं, चिरईगांव। तेज हवा भी नुकसान कर रही है। बारिश से पककर तैयार धान बर्बाद हो गया। अब गिरी धान की फसल के ऊपर पड़ रही बूंदे फसल को नुकसान पहुंचा रही हैं। बरियासनपुर के किसान बबलू ने बताया कि जल्द ही धान की कटाई होनी थी। तब तक बारिश हो गई। अधिकांश गांवो में धान की फसल तेज हवा से गिर गयी है।
कृषि विज्ञानी बोले, 20-25 प्रतिशत नुकसान की आशंका
जासं, मिर्जामुराद : कृषि विज्ञानी डा. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि यह सामान्य मानसून नहीं है। अर्णब का असर है। शुक्रवार को 22°C तापमान, 92% नमी और 19 किलोमीटर प्रतिघंटा से हवा चली। धान कटाई की आखिरी दौर में है। अनुमान है कि 20-25 % नुकसान हुआ है। किसान इस समय खेत में खड़ी फसल की कटाई न करे। पानी निकासी के लिए नाली बना दें। भीगा हुआ धान सूखने पर ही थ्रेसिंग करें।
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