308 पहियों और 200 टन भारी वजन का 'विशालकाय ट्रक', साथ में चल रहे 64 इंजीनियर और क्रेन; लग चुका दो करोड़ का डीजल
ओडिशा से बलरामपुर चीनी मिल के लिए 200 टन वजनी शुगर मिल वेसल ले जा रहा 308 पहियों वाला विशाल ट्रेलर बारिश के कारण चंदौली में रुका हुआ है।

308 पहियों और 200 टन भारी वजन वाला विशालकाय ट्रक पहुंचेगा बनारस।
HighLights
200 टन वजनी शुगर मिल वेसल ले जा रहा 308 पहियों वाला ट्रेलर।
यह वेसल देश के पहले बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक प्लांट के लिए।
भारी वजन के कारण ट्रेलर प्रतिदिन 10-12 किलोमीटर ही चल रहा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से बलरामपुर चीनी मिल के लिए 200 टन से अधिक वजनी शुगर मिल वेसल (वैक्यूम बायलर) लेकर जा रहा 308 पहियों वाला विशाल मल्टी-एक्सल ट्रेलर शनिवार को बारिश के चलते चंदौली से बनारस नहीं आ सका। हालांकि, ट्रेलर को बनारस से गाजीपुर जनपद को भेजने के लिए ट्रैफिक पुलिस रूट का निरीक्षण करने के साथ समस्याओं को दूर करने में जुटी रही।
ट्रेलर चालक ने बताया कि अभी तक दो करोड़ का डीजल खर्च किया जा चुका है। साथ में दो अलग-अलग क्रेन भी चल रहे हैं। दो ट्रेलर भी हैं जो मल्टी एक्सल ट्रेलर को अलग-अलग समय पर खींचने के काम करते हैं। साथ में 64 से अधिक कर्मचारी भी चल रहे हैं।
रोजाना केवल 10 से 12 किलोमीटर की दूरी हो रही तय
बेल्जियम से समुद्री मार्ग द्वारा ओडिशा लाया गया था। भारी वजन को सड़क पर संतुलित करने के लिए इसमें 308 पहिए (टायर) लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि अत्यधिक वजन के कारण यह महाट्रक रोजाना केवल 10 से 12 किलोमीटर की ही दूरी तय कर पा रहा है।

स्थापित होगा देश का पहला प्लांट
बताया कि बलरामपुर चीनी मिल लि. गन्ने से पर्यावरण के अनुकूल बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक (पीएलए) और को-पालिमर के निर्माण व अनुसंधान के लिए प्लांट लखीमपुर के कुंभी यूनिट में स्थापित कर रही है। इसमें कुल 100 करोड़ की लागत आएगी। यह देश का पहला प्लांट है। यहां 100 टन प्रति वर्ष उत्पादन किया जाएगा।
