वाराणसी : लगभग सभी बोर्ड के बारहवीं के परिणाम आ चुके हैं। वहीं विश्वविद्यालयों में दाखिले की जंग भी शुरू हो चुकी है। प्रतिस्पर्धा के इस युग में डाक्टर, इंजीनियर के साथ ही अन्य क्षेत्रों में सफलता हासिल करने की होड़ मची है। ऐसे में कई बार परिजनों की अपेक्षाएं छात्र के लिए दबाव बन जाते हैं। बारहवीं की परीक्षा के बाद अमूमन छात्र-छात्राओं की यही चिंता रहती है कि अच्छे भविष्य के लिए आगे वो क्या पढ़ें। प्रश्न पहर के तहत रविवार को दैनिक जागरण ने अपने पाठकों को इन समस्याओं के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान किया।

करियर काउंसलर, मेंटर व ट्रेनर अनुपम रघुवंशी से पाठकों ने बारहवीं के बाद करियर ऑप्शन, काउंसलिंग सहित भविष्य के लिए बेहतर साबित होने वाले विषयों के संदर्भ में सवाल पूछे, जिनका उन्हें संतोषजनक जवाब भी मिला। अनुपम बताते हैं कि प्लेसमेंट के दौरान छात्र की प्रतिभा, योग्यता व उसका कौशल मायने रखता है। प्रतिभा छात्र के भीतर प्रमाणिक तौर पर होती है जबकि योग्यता शैक्षिक होती है। वहीं अपने भीतर के कौशल की पहचान छात्र को स्वयं करनी होगी, साथ ही उसे दुनिया के सामने भी खुद ही लाने के रास्ते तलाशने होंगे। दुनिया में 2500 से अधिक करियर ऑप्शन हैं। अंतिम करियर ऑप्शन में बिलिनेयर हैं। इसलिए कभी यह न सोचें कि दुनिया एक या दो करियर ऑप्शन तक ही सीमित है। दसवीं के स्तर पर हो सब्जेक्ट असेसमेंट

- दसवीं के स्तर पर ही छात्रों के सब्जेक्ट असेसमेंट होने चाहिए। साथ ही स्ट्रीम सेलेक्शन के लिए काउंसलिंग भी होनी चाहिए, जिसका मूल आधार विद्यार्थी का आईक्यू (इंटेलिजेंस कोशेंट), ईक्यू (इमोशनल कोशेंट) व उसकी सीखने की क्षमता हों। इसी के साथ अगले पांच-छह साल के लिए विकल्प रखते हुए करियर प्लान भी कर लें। मेडिकल व इंजीनियरिग के अलावा भी हैं विकल्प

- संचार क्रांति के दौर में भी सूचनाओं का सही से ग्रहण न किया जाना भी बड़ी विडंबना है। अधिकांश अभिभावकों को यही लगता है कि मेडिकल व इंजीनियरिग की सफलता की गारंटी हैं। जबकि इन दोनों के अलावा अन्य विषयों में भी असीम संभावनाएं व्याप्त हैं।

- लॉ

- मैनेजमेंट

- होटल मैनेजमेंट

- पत्रकारिता एवं जन संचार

- डिजाइनिंग

(नोट-सभी स्ट्रीम के छात्र अप्लाई कर सकते हैं।) बारहवीं के बाद अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं

- आइसीएआर

- सीएलआरटी

- सीईपीटी-अहमदाबाद

- एफडीडीआई-नोएडा

- एनआइएफटी

- एनआइडी

- डीआइएसएस

- टीआइएसएस

- एमईआरवाई विदेशों में भी स्कॉलरशिप के साथ पढ़ाई के मौके

- एसएटी

- आइईएलटीएस

- टीओईएफएल

आदि जैसी विभिन्न परीक्षाएं देकर स्कॉलरशिप के साथ विदेश में पढ़ाई की जा सकती है। भविष्य में बेहतर करियर ऑप्शन वाले विषय

- लिबरल आर्ट

- टेक्नोलॉजी (रोबोटिक्स, एआइ, एआर, आइओटी, बिग डेटा)

- इंटर डिसिप्लिनरी साइंस सब्जेक्ट्स

- स्टेटिस्टिक्स

- एग्रीकल्चर

- एनालिटिक्स (बिजनेस) छात्रों के लिए उपयोगी सलाह

- एक दिन में सिर्फ एक ही सब्जेक्ट को न पढ़ें।

- कम से कम दो-तीन विषय पढ़ें, जिनकी विशेषताएं अलग-अलग हों।

- पढ़ने के लिए अपने एकाग्रता की सीमा को जानें।

- एक बार में दो-तीन घंटे बैठकर पढ़ने की बजाय 30 से 40 मिनट पूरी एकाग्रता के साथ पढ़े।

- बारहवीं तक छात्रों को व्यक्तिगत स्तर पर मोबाइल न दें।

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इन्होंने पूछे सवाल : शिवम उपाध्याय-शिवपुर, चंद्रप्रकाश मिश्रा-पांडेयपुर, प्रेमशीला तिवारी-रामनगर, धनंजय साहनी-रामनगर, शहबाज खान-पड़ाव, मोहम्मद जावेद-जलालीपुरा, राघवेंद्र यादव-लंका, अमित गुप्ता-रथयात्रा व अनिल यादव-सामनेघाट।

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