वाराणसी, जेएनएन। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के स्नातक की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हो रही है। वहीं दूसरी ओर संबद्ध कालेजों के करीब 150 छात्र किन्हीं कारणवश परीक्षा फार्म भरने से चूक गए हैं। अब फार्म भरने के लिए विद्यापीठ का चक्कर काट रहे हैं। हालांकि विद्यापीठ प्रशासन ने ऐसे छात्रों को राहत देने से इंकार कर दिया है। ऐसे में अब इन छात्रों का एक साल बर्बाद होना तय है। अब मौका देने को तैयार नहीं : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने परीक्षार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने के लिए करीब दो माह की मोहलत दी थी। यही नहीं निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन न करने वाले परीक्षार्थियों को एसएमएस भी भेजा गया है। इसके बाद भी कई परीक्षार्थियों ने अब तक आवेदन नहीं किया। ऐसे लापरवाह छात्रों को फार्म भरने के लिए विद्यापीठ प्रशासन अब मौका देने को तैयार नहीं है। ऑनलाइन हुआ प्रवेश पत्र : कुलसचिव डा. एसएल मौर्य ने बताया कि अब परीक्षा के चार दिन पहले फार्म भरवाना संभव नहीं है। परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र ऑनलाइन किया जा चुका है। पेपर की फिलिंग भी हो चुकी है। अग्रसारण में फंसा आवेदन : स्नातक के कई छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन निर्धारित अवधि के भीतर ही किया था लेकिन परीक्षा शुल्क नहीं जमा किया। शुल्क के अभाव में संबंधित कालेजों ने ऐसे छात्रों का फार्म अग्रसारित ही नहीं किया। अब शुल्क लेकर लेकर ये विद्यार्थी विश्वविद्यालय में दौड़ रहे हैं। हालांकि इन छात्रों को भी कोई राहत नहीं मिली। कुल मिलाकर आवेदन के अभाव में 150 छात्रों की परीक्षा से वंचित होने की नौबत आ गई।

Posted By: Jagran