जागरण संवाददाता, वाराणसी : परीक्षा अभिलेखों में हेराफेरी व फर्जीवाड़े की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने बीस वर्षो के रिकार्ड से संबंधित दस्तावेज सौंप दिया है। उधर एसआइटी को करीब 35 डायटों से भी रिकार्ड मिल चुके हैं। ऐसे में अब जांच में गति आने की संभावना जताई जा रही है।

एसआइटी ने गत दिनों विश्वविद्यालय से वर्ष 1995 से 2015 तक परीक्षा व सत्यापन अनुभाग में काम करने वाले व कर चुके कर्मचारियों, अधिकारियों के नाम, स्थानीय पता, स्थायी पता, मोबाइल नंबर सहित अन्य जानकारी मांगी है। इस क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीस वर्ष तक कार्यरत कुलसचिवों, उप कुलसचिवों, परीक्षाधिकारियों की सूची निर्धारित फार्मेट पर सौंप दी है। कुलपति प्रो. यदुनाथ दुबे के निर्देश पर विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी गत दिनों एसआइटी कार्यालय को सूची देने स्वयं लखनऊ गए थे। सूची में परीक्षा व सत्यापन विभाग में पिछलों बीस वर्षो में स्थानांतरित किए गए कर्मचारियों के नाम व विवरण भी शामिल है। इस सूची को लेकर विश्वविद्यालय में पिछले 20 दिनों से खलबली मची हुई थी।