सोनभद्र, जेएनएन। म्योरपुर के लौबंद और बभनी ब्लाक के चिकू टोला गांव में दो लोगों के घर से सितंबर माह में बरामद किए गए पोषाहार व खाली बोरियों के मामले में जांच के दौरान कालाबाजारी का मामला सामने आया है। ऐसे में बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय की तरफ से दोषी दुद्धी और म्योरपुर ब्लाक के सीडीपीओ सहित कुल 13 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। अभी 28 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त किया जाना बाकी है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सितंबर माह में म्योरपुर ब्लाक के लौबंद गांव निवासी बाबू लाल गुप्ता के घर से चार भरी बोरी एवं 124 खाली बोरी पोषाहार पकड़ा गया था। इसी तरह बभनी ब्लाक के चीकूटोला में सुदेश्वर गुप्ता के घर से 88 बोरी, 46 पैकेट पोषाहार पकड़ा गया था। इस मामले में एफआइआर भी करायी गई। जांच के दौरान पता चला कि पोषाहार म्योरपुर व दुद्धी ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्रों के हैं। ऐसी स्थिति में इस कालाबाजारी के मामले में निदेशालय को रिपोर्ट भेजी गई। रिपोर्ट के आधार पर दुद्धी ब्लाक के पांच व म्योरपुर ब्लाक के आठ कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित कार्मिकों में दुद्धी ब्लाक के सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) हृदय नारायण, मुख्य सेविका संगीता वर्मा, सुखी देवी, तारा देवी, प्रधान सहायक कमलेश पांडेय, म्योरपुर ब्लाक के सीडीपीओ बाबूलाल, प्रधान सहायक प्रकाश चंद्र गुप्ता, कनिष्ठ लिपिक सुशील द्विवेदी, मुख्य सेविका मीरा मिश्रा, अगरानी देवी, प्रेमा शुक्ला, पूनम दुबे, निर्मला देवी को निलंबित किया गया है। इसके अलावा दोषी मिले 28 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। यह भी कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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