उन्नाव, जेएनएन। उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के दुष्कर्म कांड के आरोपितों की न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने से पहले चार्जशीट दाखिल करने की कोशिश में लगी स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) के सामने पीड़िता के परिवार ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। घर में तीन लोगों के बयान होने के बाद परिवार ने एसआइटी को अब किसी और का बयान लेने से मना कर दिया है। हिरासत की अवधि 23 दिसंबर को पूरी हो रही है। टीम ने 11 ग्रामीणों के बयान दर्ज किए, जो खासे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

पीड़िता को जलाने की घटना के बाद बिहार पुलिस ने पांच दिसंबर को मुख्य आरोपितों शिवम त्रिवेदी और शुभम त्रिवेदी पर जानलेवा हमले और जान से मारने के लिए धमकाने का मुकदमा किया था। इसके बाद छह दिसंबर को शिवम के पिता रामकिशोर, शुभम के पिता हरिशंकर (प्रधान के पति) व उमेश वाजपेयी (पंचायत मित्र) को भी आरोपित बनाकर कोर्ट में पेश किया। सभी आरोपितों को 19 दिसंबर तक 14 दिन न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।

इन सभी पर पीड़िता की मौत के बाद हत्या की धारा जुड़ी और 10 दिसंबर को कोर्ट में पेश किए गए सभी आरोपितों को 23 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसआइटी पर अब विवेचना जल्द पूरी कर आरोपपत्र दाखिल करने का दबाव है।

इस घटना की तह तक जाने के लिए एसआइटी हर पहलू को खंगाल कर साक्ष्य जमा कर रही है। कब किससे क्या बात हुई, घटना से पहले आरोपितों व पीड़िता परिवार के बीच की क्या कहानी थी, इन परतों को खोला जा रहा है। एसआइटी टीम मंगलवार को पीड़िता के परिवार के अन्य लोगों के बयान लेने पहुंची तो पिता और बहन ने भड़कते हुए कहा, पहले ही तीन लोगों के बयान लिए जा चुके, अब कोई बयान नहीं देगा। टीम ने समझाया गया कि मां व अन्य बहनों के बयान जरूरी हैं।

इस पर कहा गया कि पहले अपने वकील से बात करेंगे। असल में दो दिन पहले एसआइटी पिता, बड़ी बहन व भाई का बयान दर्ज करा चुकी है। इस टीम ने गांव में भ्रमण भ्रमण कर कई लोगों से पूछताछ की। यहां पर 11 ग्रामीणों ने बयान दिए हैं। एसआइटी प्रभारी व एएसपी विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि जांच को जल्द से जल्द पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।

अब तक की जांच

पीड़िता के वाट्सएप चैट से निकाले गए साक्ष्य।

पीड़िताके साथ आरोपितों के भी मोबाइल सर्विलांस पर।

- फॉरेंसिक जांच में केरोसिन की बोतल पर एक ही व्यक्ति के निशान।

पीड़िता व स्वजन के बैंक अकाउंट खंगालने की तैयारी तेज।

- जेल में बंद सभी आरोपितों के बयान।

आगे की तैयारी

- पीड़िता के स्वजन, आरोपितों के परिवार वालों के बयान।

- आरोपितों को अलग-अलग बुलाकर पूछताछ।

- पीड़िता के रायबरेली निवासी वकील को बुलाकर दर्ज होंगे बयान। 

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