उन्नाव जिले के किसानों को भी मिलेगा MSP बढ़ोतरी का लाभ, सरकार ने गेहूं, सरसों और मसूर के दाम में की वृद्धि
केंद्र सरकार ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की है, जिससे उन्नाव जिले के किसानों को लाभ मिलेगा।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
केंद्र सरकार ने रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की।
उन्नाव के किसानों को गेहूं, सरसों, मसूर पर मिलेगा लाभ।
गेहूं पर ₹25, सरसों पर ₹413, मसूर पर ₹390 बढ़े।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। केंद्र सरकार की ओर से रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की गई है। इससे जिले के किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। जिले में लगभग 2.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं, 38 हजार हेक्टेयर में सरसों और 1106 हेक्टेयर में मसूर की खेती की जाती है।
ऐसे में इन तीनों प्रमुख रबी फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। खासकर गेहूं और सरसों की खेती करने वाले किसानों को इसका अधिक लाभ मिलने की संभावना है। सरकार ने इस बार मसूर के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 390 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है।
वहीं, गेहूं के एमएसपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों के समर्थन मूल्य में 413 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इससे किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में अपनी उपज बेचने पर अधिक कीमत मिल सकेगी।
जिले में रबी सीजन के दौरान गेहूं प्रमुख फसल है। हालांकि बड़े क्षेत्रफल में इसकी खेती होने के कारण समर्थन मूल्य में मामूली बढ़ोतरी का भी किसानों की कुल आमदनी पर असर पड़ सकता है।
वहीं, सरसों की खेती करने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 413 रुपये की वृद्धि से राहत मिलने की उम्मीद है। सरसों का उपयोग खाद्य तेल बनाने में किया जाता है। ऐसे में इसका उचित मूल्य मिलने से किसानों को खेती की लागत निकालने में मदद मिल सकती है।
यह भी पढ़ें- पट्टे की खेती से मलेशिया के खेल मैदान तक पहुंचा नालंदा का अनुपम, भारतीय बधिर एथलेटिक्स टीम में चयन; आज रवाना
इसके अलावा, मसूर की खेती का क्षेत्रफल गेहूं और सरसों की तुलना में काफी कम है, लेकिन दलहन उत्पादक किसानों के लिए समर्थन मूल्य में 390 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि महत्वपूर्ण है। इससे दलहन की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा।
जिले में सरसों, मसूर की खेती होती है। इससे किसानों को इसका फायदा मिलेगा। वहीं गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी वृद्धि हुई।
-शशांक कुमार, जिला कृषि अधिकारी
