जागरण टीम, उन्नाव : बीघापुर विकास खंड के सफाई कर्मी समेत दो लोगों के शव फंदे से लटके मिले। सफाई कर्मी के परिजनों ने बीमारी से ऊबकर फांसी लगाने की बात कही, जबकि फतेहपुर चौरासी में युवक की मौत पर परिवार के लोग अंधविश्वास में उलझे नजर आए। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।

कस्बा बीघापुर के मोहल्ला पटेलनगर निवासी 35 वर्षीय विनोद पुत्र दुर्गाशंकर विकासखंड की ग्राम पंचायत मर्दनपुर में सफाई कर्मी के पद पर तैनात था। पारिवारिक लोगों के मुताबिक लगभग एक वर्ष से उसके मुंह में घाव था, जो इलाज के बाद भी ठीक नहीं हुआ। गंभीर बीमारी की आशंका पर विनोद मानसिक रूप से परेशान था। बुधवार सुबह आठ बजे के करीब वह घर से निकलकर काम पर मर्दनपुर चला गया। करीब 11 बजे घर वापस आकर कमरे में चला गया और अंदर से कुंडी बंद कर ली। एक घंटे बाद पत्नी पूनम उसे देखने पहुंची तो अंदर से दरवाजा बंद देख आवाज लगाई। अंदर से कोई उत्तर न मिलने पर उसने शोर मचाया तो भाई संजय ने जैसे ही दरवाजा तोड़ा, विनोद का शव साड़ी से लटका देख सन्न रह गया। पलक झपकते ही घर में कोहराम मच गया। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के कमलापुर गांव निवासी रवींद्र पुत्र प्रेमचंद्र का बुधवार को घर से कुछ दूरी पर स्थित गोड़े में सागौन के पेड़ से शव लटका मिला। मृतका की पत्नी सोनी की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पत्नी सोनी ने बताया कि उसका पति पैदल कांवर लेकर बाराबंकी लोधेश्वर महादेव मंदिर गए थे। मंगलवार सुबह लौटे तो उनके व्यवहार में परिवर्तन दिखा। अंधविश्वास में पड़कर परिजनों ने झांडफूंक का मन बनाया। बुधवार को उसे एक तांत्रिक के पास दिखाने की सोच परिजन सो गए। मंगलवार रात को ही रवींद्र खाना खाकर बाहर निकल गया। सुबह तक नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। दोपहर को उसका शव गोड़े में लटका देख परिवार में कोहराम मच गया।

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